रायपुर, 21 अगस्त 2026
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में बीएससी द्वितीय वर्ष की एंटोमोलॉजी परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होने की सूचना ने परीक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामला सामने आते ही कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने सख्त रुख अपनाते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन को तत्काल जांच समिति गठित करने और दोषियों के खिलाफ FIR दर्ज कराने के निर्देश दिए। मंत्री के निर्देश के बाद मामले में FIR दर्ज कर ली गई है।

बताया जा रहा है कि 20 अगस्त को होने वाली परीक्षा से ठीक पहले प्रश्नपत्र लीक होने की सूचना विश्वविद्यालय प्रशासन को मिली। सुबह करीब 8:50 बजे कवर्धा से पेपर लीक की जानकारी सामने आने के बाद हड़कंप मच गया। इसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सुबह 10:30 बजे परीक्षा निरस्त करने का फैसला लिया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने 5 सदस्यीय जांच समिति गठित की है। समिति पेपर लीक की पूरी कड़ी की जांच करेगी और अपनी रिपोर्ट विश्वविद्यालय प्रशासन को सौंपेगी। रिपोर्ट के आधार पर जिम्मेदारी तय करते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने साफ कहा है कि परीक्षाओं की निष्पक्षता और विद्यार्थियों के भविष्य से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। पेपर लीक जैसी घटना को गंभीर अपराध बताते हुए उन्होंने कहा कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई होगी।
सबसे बड़ा सवाल अब यह है कि आखिर विश्वविद्यालय स्तर पर सेट और प्रिंट होने वाला प्रश्नपत्र परीक्षा शुरू होने से पहले बाहर कैसे पहुंचा? प्रश्नपत्र संबंधित महाविद्यालयों तक भेजे जाते हैं, ऐसे में जांच के दायरे में पेपर तैयार करने से लेकर उसकी छपाई और वितरण तक की पूरी प्रक्रिया को शामिल किया गया है।
वहीं, निरस्त परीक्षा की नई तारीख जल्द घोषित की जाएगी। विश्वविद्यालय प्रशासन विद्यार्थियों को परीक्षा की आगामी तिथि की जानकारी समय पर देगा।
पेपर लीक के इस मामले में अब जांच समिति की रिपोर्ट पर सबकी नजर है। रिपोर्ट सामने आने के बाद ही साफ होगा कि परीक्षा व्यवस्था में सेंध कहां लगी और इस पूरे खेल के पीछे आखिर कौन है?





