राजनांदगांव, 24 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में घुमका पुलिस पर दो युवकों को करीब 36 घंटे तक हिरासत में रखकर मारपीट करने और हत्या कबूल करने का दबाव बनाने का गंभीर आरोप लगा है। परिजनों का दावा है कि 10-12 पुलिसकर्मियों ने दोनों युवकों को लाठियों से पीटा, जिससे उनके कूल्हे पर सूजन और लाल निशान पड़ गए। परिवार ने चोट के वीडियो के साथ एसपी कार्यालय पहुंचकर शिकायत की और संबंधित पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की है।
मामला करीब एक साल पुराने बरबसपुर गांव में 70 वर्षीय बिहासीन साहू की हत्या और शव जलाने से जुड़ा है। 11 नवंबर 2025 को महिला की अधजली लाश उनके पैराग्रहा में मिली थी। पोस्टमॉर्टम में हत्या के बाद शव जलाए जाने की पुष्टि हुई थी। इसके बाद घुमका पुलिस मामले की जांच कर रही है।

पूछताछ के लिए बुलाया, 36 घंटे रखने का आरोप
जांच के दौरान पुलिस ने मृतका के बेटे नेतराम साहू और उनके पोते पवन साहू व प्रदीप साहू को संदेह के आधार पर पूछताछ के लिए थाने बुलाया था। परिवार का आरोप है कि तीनों को 18 अगस्त की सुबह से 20 अगस्त की शाम तक थाने में रखा गया।
नेतराम साहू ने शिकायत में आरोप लगाया कि करीब 10-12 पुलिसकर्मियों ने उनके दोनों बेटों पवन और प्रदीप की लाठियों से पिटाई की। आरोप है कि दोनों पर हत्या का जुर्म कबूल करने के लिए दबाव बनाया गया।
हिरासत से छोड़ने के बाद अस्पताल में भर्ती
परिवार के मुताबिक, करीब 36 घंटे पूछताछ के बाद 20 अगस्त की शाम तीनों को बरबसपुर के प्रवेश द्वार के पास छोड़ दिया गया। इसके बाद पवन और प्रदीप की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया।
परिजनों का यह भी आरोप है कि हिरासत के दौरान उन्हें वकील या परिवार के सदस्यों से मिलने नहीं दिया गया और समय पर इलाज की सुविधा भी उपलब्ध नहीं कराई गई।
परिवार का दावा- घटना के समय दूसरे गांव में थे
एसपी को दी गई शिकायत में नेतराम साहू ने बताया कि जिस दिन वृद्धा की मौत हुई, उस समय वह अपने दोनों बेटों के साथ दूसरे गांव में लड़की देखने गए थे। इसी दौरान उन्हें महिला की मौत की जानकारी मिली।
परिवार का आरोप है कि पुलिस वास्तविक आरोपियों की तलाश करने के बजाय उन्हें हत्या के मामले में फंसाने का प्रयास कर रही है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
पुलिस बोली- तीनों मुख्य संदेही, आरोपों की भी जांच जारी
मामले में एडिशनल एसपी कीर्तन राठौर ने बताया कि तीनों मृतका के रिश्तेदार हैं और हत्या के मामले में मुख्य संदेहियों में शामिल हैं। इसी सिलसिले में उनसे पूछताछ की जा रही थी।
उन्होंने कहा कि कस्टडी में मारपीट और दुर्व्यवहार के आरोपों की अलग से निष्पक्ष जांच की जा रही है। साथ ही बुजुर्ग महिला की हत्या और शव जलाने के मामले में पुलिस की जांच भी जारी है।
फिलहाल पूरे मामले में दो जांच महत्वपूर्ण हैं। एक तरफ पुलिस 70 वर्षीय बिहासीन साहू की हत्या की गुत्थी सुलझाने में जुटी है, वहीं दूसरी तरफ हिरासत में मारपीट के लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि पुलिसकर्मियों पर लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।





