बिलासपुर, 27 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रामेन डेका के खिलाफ सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक और अशोभनीय टिप्पणी करने के मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने प्रणव कलिता और लक्ष्यधर राजबोंगसी को शर्तों के साथ राहत दी है। कोर्ट ने दोनों को सार्वजनिक रूप से माफी मांगने और सोशल मीडिया से आपत्तिजनक सामग्री हटाने का निर्देश दिया है।
दोनों ने अपने फेसबुक अकाउंट पर असमिया भाषा में राज्यपाल के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक लेख पोस्ट किए थे। इसके साथ ही आपत्तिजनक कार्टून भी पोस्ट किया गया था। शिकायत के बाद राजभवन की ओर से रायपुर के सिविल लाइंस थाने में दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी।

एफआईआर रद्द कराने के लिए दोनों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। सुनवाई के दौरान 14 अगस्त 2026 को उन्होंने बिना शर्त माफी मांगने और आपत्तिजनक सामग्री हटाने की इच्छा जताई। इसके बाद 19 अगस्त को दोनों ने हाईकोर्ट में शपथ पत्र पेश कर माफी मांगी।
कोर्ट ने दोनों को निर्देश दिया कि वे सार्वजनिक रूप से माफी मांगें, अपने फेसबुक अकाउंट पर प्रमुखता से माफी प्रकाशित करें और सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से आपत्तिजनक पोस्ट व कार्टून स्थायी रूप से हटा दें।
हाईकोर्ट ने भविष्य में इस तरह का आचरण दोबारा नहीं करने का शपथपत्र देने को भी कहा है। कोर्ट ने माना कि राज्यपाल संवैधानिक पद पर हैं और ऐसे पद की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली गतिविधियों से सामाजिक वैमनस्य और लोक शांति प्रभावित होने की आशंका हो सकती है।
मामले में आगे की राहत याचिकाकर्ताओं द्वारा कोर्ट की शर्तों का पालन करने पर निर्भर रहेगी।





