29 Aug 2026, Sat
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रक्षाबंधन पर छत्तीसगढ़ के बाजारों में धनवर्षा, 820 करोड़ तक पहुंचा कारोबार: अकेले राखी की बिक्री 650 करोड़ पार; मिठाई-गिफ्ट पर भी जमकर खर्च

रायपुर, 29 अगस्त 2026। रक्षाबंधन के त्योहार पर छत्तीसगढ़ के बाजारों में इस वर्ष जमकर खरीदारी हुई। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के आकलन के मुताबिक प्रदेश में रक्षाबंधन के दौरान करीब 715 से 820 करोड़ रुपये की आर्थिक गतिविधियां हुईं। इनमें अकेले राखी का कारोबार 575 से 650 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है।

राखी के अलावा मिठाई, ड्राई फ्रूट्स, कपड़े, फैशन एक्सेसरीज, एफएमसीजी गिफ्ट पैक, आभूषण और इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों की भी अच्छी बिक्री हुई। इन वस्तुओं पर करीब 140 से 170 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

रायपुर समेत प्रमुख शहरों में बढ़ी ग्राहकी

कैट के राष्ट्रीय वाइस चेयरमैन और राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड के सदस्य अमर पारवानी ने बताया कि रायपुर के साथ बिलासपुर, दुर्ग-भिलाई, राजनांदगांव, कोरबा, अंबिकापुर और जगदलपुर के बाजारों में भी रक्षाबंधन को लेकर अच्छी ग्राहकी रही।

 

 

इस बार बाजारों में वोकल फॉर लोकल का असर भी देखने को मिला। हस्तनिर्मित राखियों, स्थानीय कारीगरों, महिला स्वयं सहायता समूहों और एमएसएमई के उत्पादों की मांग बढ़ी। इससे स्थानीय कारोबार के साथ रोजगार के अवसरों को भी मजबूती मिली।

मिठाई-ड्राई फ्रूट्स पर सबसे ज्यादा खर्च

कैट के बाजार आकलन के अनुसार रक्षाबंधन पर हुए अतिरिक्त उत्सवीय खर्च में करीब 25 प्रतिशत मिठाई और ड्राई फ्रूट्स पर खर्च हुआ। वहीं 20 प्रतिशत परिधान व फैशन एक्सेसरीज, 20 प्रतिशत एफएमसीजी गिफ्ट पैक, 15 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद, 10 प्रतिशत सोने-चांदी व आभूषण और 10 प्रतिशत अन्य उपहार वस्तुओं पर खर्च होने का अनुमान है।

त्योहारों से मजबूत होती स्थानीय अर्थव्यवस्था

अमर पारवानी ने कहा कि भारत के त्योहार केवल धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन नहीं हैं, बल्कि ये आर्थिक गतिविधियों के बड़े केंद्र भी बन चुके हैं। रक्षाबंधन जैसे पर्व से किसानों, कारीगरों, शिल्पकारों, महिला उद्यमियों, परिवहन, सेवा क्षेत्र और व्यापारियों के लिए आय एवं रोजगार के अवसर बढ़ते हैं।

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उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन भाई-बहन के रिश्ते को मजबूत करने के साथ-साथ स्थानीय बाजारों में मांग बढ़ाने और अर्थव्यवस्था को गति देने वाला महत्वपूर्ण अवसर भी बन गया है।

कैट प्रदेश अध्यक्ष परमानंद जैन ने कहा कि त्योहारों के दौरान स्थानीय उत्पादों की खरीदारी बढ़ने से स्थानीय व्यापार और रोजगार को मजबूती मिलती है। प्रदेश के अन्य पदाधिकारियों ने भी रक्षाबंधन के दौरान कारोबार में आई तेजी को उत्साहजनक बताया।

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