रायपुर, 29 अगस्त 2026
राजधानी रायपुर में रविवार को साहित्य और अध्यात्म का संगम देखने को मिला। भगवान श्रीराम की महिमा और उनकी दुर्लभ स्तुतियों पर आधारित पुस्तक ‘श्री राम अमोघ स्तुतियां’ का भव्य विमोचन किया गया। छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने पुस्तक का विमोचन कर इसे पाठकों और रामभक्तों को समर्पित किया।

विमोचन समारोह में डॉ. रमन सिंह ने पुस्तक की लेखिका अंजनी श्रीवास्तव और लेखक सुरेंद्र प्रताप सिंह श्रीवास्तव के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि पुस्तक में भगवान श्रीराम से जुड़ी प्रभावशाली और दुर्लभ स्तुतियों को संकलित किया गया है। यह महज एक पुस्तक नहीं, बल्कि रामभक्ति से जुड़ा ऐसा ग्रंथ है, जो लोगों को आध्यात्मिक आधार देने का काम कर सकता है।
‘श्रद्धा और नियम से पाठ, जीवन की बाधाएं होंगी दूर’
डॉ. रमन सिंह ने कहा कि पुस्तक में शामिल स्तुतियों का श्रद्धा, विश्वास और निर्धारित नियमों के साथ पाठ किया जाए तो व्यक्ति को आध्यात्मिक शांति और संबल मिलता है। उन्होंने कहा कि कलियुग में श्रीराम का नाम ही तारणहार है। राम की भक्ति व्यक्ति को कठिन परिस्थितियों में भी सकारात्मक ऊर्जा और आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।
उन्होंने कहा कि आज का युवा तनाव और भागदौड़ भरी जिंदगी में अपनी जड़ों और संस्कृति से कहीं न कहीं दूर होता जा रहा है। ऐसे समय में भगवान श्रीराम के आदर्श और उनकी स्तुतियों से जुड़ा साहित्य नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
कई वर्षों की साधना और शोध का परिणाम है पुस्तक
लेखिका अंजनी श्रीवास्तव ने बताया कि ‘श्री राम अमोघ स्तुतियां’ को तैयार करने के पीछे वर्षों की साधना, अध्ययन और शोध रहा है। प्राचीन ग्रंथों, वेदों और रामायण के विभिन्न खंडों में बिखरी स्तुतियों को एकत्र कर उन्हें सरल हिंदी भाषा में प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है, ताकि आम पाठक भी इनके भाव और महत्व को समझ सके।
लेखक सुरेंद्र प्रताप सिंह श्रीवास्तव ने कहा कि पुस्तक का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को भगवान श्रीराम की भक्ति और उनके आदर्शों से जोड़ना है।
साहित्यकारों और रामभक्तों की रही मौजूदगी
कार्यक्रम में पुस्तक के एडिटर दीपक अरोरा और आकाश महेश्वरी, सरस्वती प्रकाशन से जुड़े प्रतिनिधियों सहित शहर के साहित्यकार, वरिष्ठ पत्रकार, समाजसेवी, धर्माचार्य और बड़ी संख्या में रामभक्त मौजूद रहे। अतिथियों ने पुस्तक की विषयवस्तु और प्रस्तुति की सराहना करते हुए इसे सनातन संस्कृति और रामभक्ति से जुड़ा महत्वपूर्ण साहित्य बताया।
समारोह के अंत में लेखक द्वय ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह सहित सभी अतिथियों और उपस्थित रामभक्तों का आभार व्यक्त किया।





