रायपुर, 03 सितम्बर 2026। छत्तीसगढ़ में बिजली उपभोक्ताओं का ई-केवाईसी (e-KYC) सत्यापन शुरू हो गया है। प्रदेश के सभी बिजली उपभोक्ताओं के लिए ई-केवाईसी कराना अनिवार्य किया गया है। उपभोक्ता अपनी सुविधा के अनुसार घर बैठे ऑनलाइन या बिजली वितरण केंद्र पहुंचकर ऑफलाइन यह प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे।
ई-केवाईसी के बाद बिजली कनेक्शन और उपभोक्ता के नाम से जुड़ी जानकारी को आधार से सत्यापित किया जाएगा। इससे बिजली बिल में नाम की गलतियों को सुधारने में भी मदद मिलेगी।

तीन तरीकों से करा सकेंगे e-KYC
बिजली उपभोक्ता तीन तरीकों से ई-केवाईसी करा सकते हैं।
पहला तरीका: उपभोक्ता ‘मोर बिजली’ ऐप के माध्यम से घर बैठे ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
दूसरा तरीका: संबंधित बिजली वितरण केंद्र या जोन कार्यालय में पहुंचकर अधिकृत कर्मचारी के माध्यम से ई-केवाईसी पोर्टल पर सत्यापन कराया जा सकता है।
तीसरा तरीका: क्षेत्र का मीटर रीडर मोबाइल ऐप के जरिए उपभोक्ता से संपर्क कर ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी कर सकता है।
आधार और मोबाइल से होगा सत्यापन
वितरण कंपनी के अनुसार ई-केवाईसी प्रक्रिया को आधार ई-ऑथेंटिकेशन सर्विस से जोड़ा गया है। इसमें मोबाइल पर आने वाले OTP के जरिए प्रमाणीकरण किया जाएगा।
उपभोक्ता को आधार नंबर और मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा। प्रक्रिया के दौरान आधार कार्ड की प्रति अपलोड करने का प्रावधान भी बताया गया है।
आधार और बिजली कनेक्शन के नाम का होगा मिलान
ई-केवाईसी के दौरान आधार कार्ड में दर्ज नाम और बिजली कनेक्शन में दर्ज उपभोक्ता के नाम का मिलान किया जाएगा। नाम का पूरा मिलान होने पर ई-केवाईसी पूरी हो जाएगी।
यदि आधार और बिजली कनेक्शन में दर्ज नाम में अंतर पाया जाता है, तो नाम संबंधी त्रुटि सुधारने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। ई-केवाईसी सफलतापूर्वक पूरा होने के बाद उपभोक्ता के मोबाइल नंबर पर इसकी पुष्टि का संदेश भेजा जाएगा।
इस प्रक्रिया का उद्देश्य बिजली उपभोक्ताओं की जानकारी को सही और आधार से सत्यापित करना है, ताकि भविष्य में बिजली बिल और कनेक्शन से जुड़ी समस्याओं का समाधान आसान हो सके।





