रायपुर, 04 सितम्बर 2026। छत्तीसगढ़ में आज, 4 सितंबर को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। रायपुर समेत प्रदेशभर के मंदिरों को रंग-बिरंगी रोशनी और फूलों से सजाया गया है। शहर के प्रमुख मंदिरों में विशेष पूजा, अभिषेक, भजन-कीर्तन, झांकियों और भोग की तैयारियां की गई हैं। रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के साथ मंदिरों में महाआरती और जयकारे गूंजेंगे।
रायपुर के श्री जैतूसाव मठ में भगवान को 11 क्विंटल मालपुए और 1 क्विंटल पंजीरी का भोग लगाया जाएगा। समता कॉलोनी के राधाकृष्ण मंदिर में 101 लीटर दूध से अभिषेक किया गया है। वहीं टाटीबंध स्थित इस्कॉन मंदिर में तीन दिवसीय जन्माष्टमी महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है।

जैतूसाव मठ में 11 क्विंटल मालपुए का भोग
पुरानी बस्ती स्थित श्री जैतूसाव मठ में जन्मोत्सव की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। शाम 4 बजे से भजन संध्या होगी। इस अवसर पर ठाकुरजी का विशेष स्वर्ण श्रृंगार किया जाएगा। रात 12 बजे मंत्रोच्चार के बीच आरती होगी।
भगवान को 11 क्विंटल मालपुआ और 1 क्विंटल पंजीरी का भोग लगाया जाएगा। 5 सितंबर की शाम 5 बजे से श्रद्धालुओं को प्रसाद का वितरण किया जाएगा।
दूधाधारी मठ में 7 सितंबर तक उत्सव
दूधाधारी मठ और इससे जुड़े मठ-मंदिरों में जन्माष्टमी का उत्सव 7 सितंबर तक चलेगा। सुबह से ही भजन-कीर्तन का आयोजन शुरू हो गया है। रात 12 बजे श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की आरती होगी। 7 सितंबर को एकादशी के दिन रात 12 बजे आयोजन का समापन होगा।
राधाकृष्ण मंदिर में 101 लीटर दूध से अभिषेक
समता कॉलोनी के राधाकृष्ण मंदिर में सुबह 7 बजे भगवान श्रीकृष्ण का 101 लीटर दूध से अभिषेक किया गया। मंदिर और भगवान की प्रतिमा का विशेष श्रृंगार कोलकाता के कारीगरों ने किया है।
सुबह 9 बजे से झांकी के दर्शन शुरू हो गए हैं। रात 8 बजे से भजन और भक्तिमय कार्यक्रम होंगे। मध्यरात्रि में जन्मोत्सव के बाद महाआरती होगी। 5 सितंबर को राणी सती दादी का मंगल पाठ आयोजित किया जाएगा।
सिटी कोतवाली के कारागार में होगा कृष्ण जन्म
रायपुर के सिटी कोतवाली थाने में भी श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का विशेष आयोजन होगा। यहां कलाकार वासुदेव, देवकी और सैनिकों की वेशभूषा में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का मंचन करेंगे।
रात 12 बजते ही थाने की लाइट कुछ देर के लिए बंद की जाएगी। इसके बाद वासुदेव द्वारा टोकरी में बाल कृष्ण को सिर पर रखकर कारागार से बाहर ले जाने का दृश्य प्रस्तुत किया जाएगा। जयकारों के बीच ठाकुरजी को कोतवाली से सदर बाजार स्थित गोपाल मंदिर ले जाया जाएगा।
156 साल पुराने बांके बिहारी मंदिर में दुग्धाभिषेक
पेठा लाइन नयापारा स्थित करीब 156 वर्ष पुराने श्री बांके बिहारी मंदिर में सुबह 8 से 10 बजे तक दुग्धाभिषेक किया जा रहा है। सुबह 11:30 बजे श्रृंगार दर्शन होंगे। दोपहर और शाम को भजन कार्यक्रम होंगे। रात 12:01 बजे श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के बाद आरती होगी।
इस्कॉन मंदिर में 3 दिन महोत्सव
टाटीबंध स्थित इस्कॉन मंदिर में जन्माष्टमी महा-महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम में भक्ति नृत्य समेत कई प्रतियोगिताएं होंगी। मंगल आरती के साथ कार्यक्रम शुरू होंगे। कृष्ण बाललीला, भजन-कीर्तन, पुष्पांजलि और कथक की प्रस्तुतियां भी होंगी।
रात 9 बजे महाभिषेक होगा। मध्यरात्रि में भगवान को छप्पन भोग अर्पित किया जाएगा और रात 12:15 बजे महाआरती होगी।
चार धाम की सामग्री से गिरिराज मंदिर में पूजा
बूढ़ापारा स्थित गिरिराज मंदिर में बद्रीनाथ, जगन्नाथपुरी, रामेश्वर और द्वारका धाम से लाई गई सामग्री से भगवान की आराधना की जाएगी। मंदिर में जन्माष्टमी की तैयारियां करीब एक महीने पहले से शुरू कर दी गई थीं।
गोपाल मंदिर में कल नंद महोत्सव
सदर बाजार स्थित गोपाल मंदिर में आज रात 12 बजे श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाया जाएगा। जन्मोत्सव के बाद पूजा-अर्चना और महाआरती होगी। 5 सितंबर को नंद महोत्सव आयोजित किया जाएगा। भगवान को पालने में झुलाया जाएगा और श्रद्धालु भजन गाकर जन्म की खुशियां मनाएंगे।
रायगढ़ में दो दिन दिखेंगी कृष्ण लीलाओं की झांकियां
रायगढ़ के श्याम मंदिर और गौरी शंकर मंदिर में रात 12 बजे कृष्ण जन्मोत्सव मनाया जाएगा। सुबह से ही मंदिरों में अलग-अलग झांकियां सजाई जाएंगी, जो दो दिन तक श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए रहेंगी। इन्हें देखने ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। 5 सितंबर को जगह-जगह भंडारे भी आयोजित किए जाएंगे।





