बीजापुर, 07 सितम्बर 2026। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में नक्सल विरोधी अभियान के तहत CRPF की 199वीं वाहिनी को बड़ी सफलता मिली है। जवानों ने पीडिया और कुप्पागुड़ा क्षेत्र के घने जंगलों में तलाशी अभियान चलाकर नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखे गए 14 नक्सली डंप बरामद किए हैं।
यह कार्रवाई कमांडेंट आनंद कुमार के मार्गदर्शन और उप कमांडेंट दर्शन यादव की देखरेख में की गई। बी/199 और एफ/199 कंपनी के जवानों के साथ यंग प्लाटून ने संयुक्त रूप से एड्री, हर्रा, नयापारा और सरपंचपारा के जंगलों में सघन सर्च ऑपरेशन चलाया।

14 डंप से हथियार और विस्फोटक बरामद
तलाशी के दौरान सुरक्षा बलों को 303 बोल्ट एक्शन रायफल, 5 भरमार रायफल और एक देशी 12 बोर रायफल मिली। इसके अलावा 10 आईईडी, 8 डेटोनेटर, कोडेक्स वायर, वायरलेस सेट, प्लास्टिक और स्टील कंटेनर समेत आईईडी बनाने में इस्तेमाल होने वाली इलेक्ट्रिक सामग्री बरामद की गई।
सुरक्षा बलों के मुताबिक, कार्रवाई में कुल 99 प्रकार की सामग्री जब्त की गई है। जंगल में नक्सलियों ने इन सामानों को सुरक्षा बलों से बचाने के लिए अलग-अलग स्थानों पर छिपाकर रखा था।
घेराबंदी कर चरणबद्ध तलाशी
ऑपरेशन के दौरान जवानों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर बेहद सतर्कता के साथ चरणबद्ध तरीके से तलाशी ली। अभियान के दौरान किसी भी जवान या नागरिक के हताहत होने की सूचना नहीं है।
CRPF अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में लगातार चल रहे नक्सल विरोधी अभियानों से नक्सली गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने में मदद मिल रही है। साथ ही ग्रामीणों में सुरक्षा को लेकर भरोसा भी मजबूत हुआ है।
पेगड़ापल्ली जंगल में भी मिला था नक्सली डंप
इससे पहले 29 अगस्त को बीजापुर के पेगड़ापल्ली जंगल क्षेत्र में भी पुलिस ने नक्सली डंप बरामद किया था। अभियान के दौरान संदिग्ध बोगम लखमू (39) को घेराबंदी कर पकड़ा गया था।
पूछताछ में उसने प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) संगठन के चिन्नागेलूर डीएकेएमएस सदस्य के रूप में काम करने और नक्सलियों की सामग्री व विस्फोटक छिपाने के लिए ले जाने की बात बताई थी।
उसके कब्जे से 50,050 रुपए नकद, एक बीजीएल लॉन्चर, 18 बीजीएल सेल, 12 तीर बम, एक हैंड ग्रेनेड, 303 रायफल के 15 जिंदा राउंड, 31 बीजीएल कारतूस, इंसास की खाली मैगजीन, बिजली के तार, तीन राउंड चार्जर और एक ईमीटर लीड बरामद किए गए थे।
लगातार हो रही इन कार्रवाइयों से बीजापुर के जंगलों में नक्सली नेटवर्क और उनके हथियारों के ठिकानों पर सुरक्षा बलों का दबाव बढ़ता दिखाई दे रहा है।





