रायपुर, 07 सितम्बर 2026। छत्तीसगढ़ में भाजपा और कांग्रेस के बीच संगठनात्मक नियुक्तियों को लेकर सियासत तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के भाजपा संगठन और प्रभारियों की नियुक्ति पर सवाल उठाने के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पलटवार किया है। सीएम साय ने कांग्रेस को भाजपा की चिंता करने के बजाय पहले अपने संगठन के भीतर झांकने की नसीहत दी।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कांग्रेस में प्रभारियों की नियुक्ति किस तरह होती है, यह सभी जानते हैं। उन्होंने भूपेश बघेल के पंजाब प्रभारी रहते हुए हुए विरोध का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौरान पंजाब में उनके विरोध में ‘गो बैक भूपेश’ के पोस्टर लगाए गए थे।

सीएम साय ने कहा कि पंजाब में विरोध के बाद भूपेश बघेल को असम का प्रभारी बनाया गया। उन्होंने बघेल के भाजपा संगठन को लेकर दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस के संगठनात्मक फैसलों और उसकी अंदरूनी स्थिति पर सवाल उठाए।
भूपेश बघेल ने भाजपा पर साधा था निशाना
दरअसल, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भाजपा के संगठनात्मक ढांचे और प्रभारियों की नियुक्ति को लेकर सवाल खड़े किए थे। उन्होंने भाजपा में कथित गुटबाजी का आरोप लगाते हुए कहा था कि पार्टी में कोई किसी की बात नहीं सुन रहा है।
बघेल ने भाजपा को अपनी स्थिति देखने की सलाह देते हुए कहा था कि कांग्रेस के नेता राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे किसी के सामने नहीं झुकते और कांग्रेस का हाईकमान किसी के सामने झुकने वाला नहीं है।
उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय संगठन को लेकर भी सवाल उठाते हुए कहा था कि नितिन नबीन को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने में दो साल लग गए और कार्यकारिणी के गठन में भी काफी समय लगा।
भाजपा के प्रभारी की नियुक्ति पर भी उठाए थे सवाल
भूपेश बघेल ने कहा था कि छत्तीसगढ़ में भाजपा का प्रभारी नहीं है, इसके बावजूद भाजपा कांग्रेस के संगठन को लेकर चर्चा कर रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा था कि भाजपा में इतनी लड़ाई है कि वह एक प्रभारी तक नियुक्त नहीं कर पा रही है।
बघेल के इन बयानों के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस को पहले अपने भीतर झांकना चाहिए। सीएम के बयान से छत्तीसगढ़ में भाजपा-कांग्रेस के बीच संगठनात्मक मुद्दों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने के संकेत हैं।





