रायपुर, 08 सितंबर 2026
छत्तीसगढ़ अब पर्यटन को सिर्फ घूमने-फिरने तक सीमित रखने के बजाय इसे रोजगार, निवेश और स्थानीय अर्थव्यवस्था का बड़ा आधार बनाने की तैयारी में है। विश्व पर्यटन दिवस 2026 की थीम ‘डिजिटल एजेंडा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से पर्यटन का पुनः डिजाइन’ को केंद्र में रखते हुए पर्यटन विभाग डिजिटल तकनीक और एआई के जरिए पर्यटकों को स्मार्ट, सुरक्षित और सुविधाजनक पर्यटन अनुभव देने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

10 श्रेणियों में होंगे पर्यटन पुरस्कार
विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड द्वारा ‘विश्व पर्यटन दिवस पुरस्कार-2026’ दिए जाएंगे। बेहतर सेवाओं और नवाचार के लिए 10 श्रेणियों में पुरस्कार होंगे। प्रत्येक विजेता को ₹11 हजार और मोमेंटो दिया जाएगा।
इनमें सर्वश्रेष्ठ होटल, सर्वश्रेष्ठ पंजीकृत टूर ऑपरेटर, सर्वश्रेष्ठ जिला टूरिज्म प्रमोशन अवॉर्ड, सर्वश्रेष्ठ पर्यटन स्टार्टअप/उद्यमिता पुरस्कार, सर्वश्रेष्ठ रिसॉर्ट, सर्वश्रेष्ठ पर्यटक सूचना केंद्र, सर्वश्रेष्ठ होमस्टे, सर्वश्रेष्ठ सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर, सर्वश्रेष्ठ इको टूरिज्म साइट और सर्वश्रेष्ठ एडवेंचर टूरिज्म अवॉर्ड शामिल हैं।
आवेदन की अंतिम तिथि 15 सितंबर निर्धारित की गई है।
पर्यटन में निवेश को बढ़ावा, फिल्म सिटी पर भी जोर
सरकार के अनुसार पिछले करीब ढाई वर्षों में पर्यटन क्षेत्र में निजी निवेश को बढ़ावा देने के लिए कई पहल की गई हैं। फिल्म सिटी निर्माण के लिए ₹203 करोड़ 53 लाख के निवेश प्रस्ताव प्राप्त होने का दावा किया गया है। फिल्म पर्यटन और बड़े आयोजनों को बढ़ावा देने के लिए फिल्म सिटी और कन्वेंशन सेंटर विकसित करने की दिशा में भी काम चल रहा है, जिसकी अनुमानित लागत करीब ₹350 करोड़ बताई गई है।
पर्यटन को सीधे स्थानीय लोगों की आय से जोड़ने के लिए होमस्टे, स्थानीय भोजन और हस्तशिल्प को बढ़ावा देने पर भी जोर है। पर्यटन व्यवसाय के औपचारिक पंजीकरण में वृद्धि हुई है और वर्तमान में 390 से अधिक टूर ऑपरेटर/ट्रैवल एजेंट तथा 26 होटल पंजीकृत बताए गए हैं।
रामलला दर्शन योजना से 51,850 श्रद्धालुओं को सुविधा
धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए श्री रामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना भी महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आई है। IRCTC के साथ एमओयू के तहत अब तक 61 ट्रेनों से 51,850 तीर्थयात्रियों को अयोध्या और काशी दर्शन कराया जा चुका है।
वहीं बस्तर को छत्तीसगढ़ के पर्यटन का बड़ा चेहरा बनाने की तैयारी है। सरकार का लक्ष्य चित्रकोट को केवल जलप्रपात नहीं, बल्कि विश्वस्तरीय पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करना है। सिरपुर के लिए एकीकृत मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है।
पर्यटन का मतलब अब सिर्फ सैर नहीं, स्थानीय रोजगार भी
सरकार की योजना पर्यटन को गांवों और स्थानीय समुदायों तक पहुंचाने की है। होमस्टे, स्थानीय भोजन, हस्तशिल्प और युवाओं को पर्यटन से जोड़कर स्थानीय आय और रोजगार बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
डिजिटल मोर्चे पर भी पर्यटन को नई दिशा देने की तैयारी है। नई वेबसाइट और मोबाइल एप के जरिए ऑनलाइन बुकिंग, डिजिटल सूचना और पर्यटन सुविधाओं को एकीकृत किया जा रहा है। विभाग के अनुसार पिछले दो वर्षों में ऑनलाइन बुकिंग से करीब ₹6.48 करोड़ और पर्यटन इकाइयों से करीब ₹31.75 करोड़ राजस्व प्राप्त हुआ है।
2028 तक छत्तीसगढ़ की नई पर्यटन पहचान बनाने का लक्ष्य
आने वाले वर्षों की योजना इससे भी बड़ी है। ‘एक जिला, एक गंतव्य’ की सोच के साथ मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन के तहत पांच वर्षों में ₹100 करोड़ प्रति वर्ष के वित्तीय प्रावधान की दिशा में काम प्रस्तावित है।
वहीं पर्यटन नीति 2026 के मसौदे में Eco-Ethnic गंतव्य और Investor-Friendly मॉडल पर जोर दिया गया है। अगले पांच वर्षों में करीब ₹2,350 करोड़ निवेश आकर्षित करने का लक्ष्य रखा गया है।
चित्रकोट के वैश्विक विकास के लिए ‘Chitrakote Indigenous Nature Retreat’ की योजना भी प्रस्तावित है, जिसमें करीब ₹500 करोड़ निवेश की संभावना बताई गई है।
पर्यटन बोर्ड का नया फोकस
पर्यटन बढ़ेगा तो रोजगार बढ़ेगा, स्थानीय आय बढ़ेगी और छत्तीसगढ़ की संस्कृति-विरासत को नई पहचान मिलेगी। यही वजह है कि इस बार विश्व पर्यटन दिवस का संदेश केवल पर्यटन तक सीमित नहीं है, बल्कि डिजिटल तकनीक, एआई, निजी निवेश और स्थानीय भागीदारी को जोड़कर छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर मजबूती से स्थापित करने की तैयारी है।





