24 Oct 2026, Sat
Breaking

रामदास आठवले बोले- जातिवाद खत्म हो जाए तो आरक्षण छोड़ने को तैयार, लेकिन जब तक भेदभाव रहेगा तब तक आरक्षण जरूरी

रायपुर, 9 सितंबर 2026। केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री रामदास आठवले बुधवार को छत्तीसगढ़ के एक दिवसीय दौरे पर रायपुर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने देश में आरक्षण को लेकर चल रही बहस और विरोध प्रदर्शनों पर बड़ा बयान दिया। आठवले ने कहा कि अगर देश से जातिवाद पूरी तरह खत्म हो जाता है, तो वे आरक्षण छोड़ने के लिए तैयार हैं। लेकिन जब तक जातिवाद और भेदभाव मौजूद है, तब तक आरक्षण व्यवस्था जारी रहनी चाहिए।

दलितों और आदिवासियों पर आज भी अत्याचार : आठवले

रामदास आठवले ने कहा कि भारत में जाति के आधार पर आरक्षण का प्रावधान किया गया है। संविधान के अनुच्छेद 17 के जरिए अस्पृश्यता को समाप्त किया गया है, लेकिन इसके बावजूद आज भी दलितों और आदिवासियों के साथ अत्याचार की घटनाएं सामने आती हैं।

उन्होंने आरक्षण का विरोध करने वालों को जवाब देते हुए कहा कि जब तक देश में जातिवाद खत्म नहीं होता, तब तक आरक्षण लागू रहेगा। उन्होंने कहा कि आरक्षण का विरोध करने के बजाय सामाजिक समानता और भेदभाव खत्म करने की दिशा में काम किया जाना चाहिए।

कांग्रेस पर भी साधा निशाना

केंद्रीय मंत्री ने इस दौरान कांग्रेस और विपक्ष पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्ष अब केवल टिप्पणी करने तक सीमित रह गया है और देश का विकास करने में सक्षम नहीं है। आठवले ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में तेजी से विकास होने का दावा किया।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार दलितों के कल्याण और उन्हें न्याय दिलाने के लिए लगातार काम कर रही है। सरकार सामाजिक न्याय से जुड़ी योजनाओं के जरिए जरूरतमंद वर्गों तक लाभ पहुंचाने के लिए प्रयासरत है।

पढ़ें   केंद्र सरकार का ऐतिहासिक फैसला: छत्तीसगढ़ में धान खरीदी का कोटा 70 से बढ़ाकर 78 लाख मीट्रिक टन, मुख्यमंत्री साय बोले- अन्नदाताओं की मेहनत को मिला सम्मान, डबल इंजन सरकार किसानों के साथ

रायपुर और बिलासपुर में कार्यक्रम

रामदास आठवले ने अपने छत्तीसगढ़ दौरे की जानकारी देते हुए बताया कि उनके रायपुर और बिलासपुर में विभिन्न कार्यक्रम निर्धारित हैं। रायपुर में नगर निगम के अधिकारियों के साथ सामाजिक न्याय एवं सशक्तिकरण से जुड़ी केंद्रीय योजनाओं को लेकर बैठक भी होगी।

बैठक में केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की जाएगी। साथ ही अधिकारियों से योजनाओं के क्रियान्वयन और पात्र हितग्राहियों तक उनके लाभ पहुंचने की जानकारी ली जाएगी।

Share

 

 

 

 

 

You Missed