10 Sep 2026, Thu
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हरितालिका तीज और गणेश चतुर्थी एक ही दिन: 14 सितंबर को तीज व्रत, तिथि-क्रम के कारण बना विशेष संयोग

राजिम, 10 सितम्बर 2026। वर्ष 2026 में हरितालिका तीज और गणेश चतुर्थी एक ही दिन पड़ने को लेकर श्रद्धालुओं के बीच भ्रम की स्थिति बनी हुई है। सोशल मीडिया पर तीज की तिथि को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। इस बीच भागवताचार्य पंडित विकास मिश्रा, राजिम धाम ने स्पष्ट किया है कि हरितालिका तीज का व्रत 14 सितंबर, सोमवार को ही रखा जाएगा।

पंडित विकास मिश्रा के अनुसार, 14 सितंबर को सूर्योदय के समय भाद्रपद शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि विद्यमान रहेगी। तृतीया तिथि समाप्त होने के बाद इसी दिन चतुर्थी तिथि शुरू होगी। यही वजह है कि अंग्रेजी कैलेंडर की एक ही तारीख पर दो अलग-अलग तिथियों का संयोग बन रहा है।

उन्होंने बताया कि हिंदू पंचांग में पर्व की तिथि का निर्धारण केवल अंग्रेजी तारीख के आधार पर नहीं किया जाता। इसके लिए तिथि के उदय, समाप्ति और पर्व से जुड़े शास्त्रीय नियमों को ध्यान में रखा जाता है। इसलिए एक ही दिन दो तिथियों का होना किसी तरह का विरोधाभास नहीं है।

 

 

हरितालिका तीज भाद्रपद शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाई जाती है। वर्ष 2026 में यह तिथि 14 सितंबर को सूर्योदय के समय होने के कारण इसी दिन माता पार्वती और भगवान शिव की पूजा करते हुए तीज व्रत रखा जाएगा। तृतीया के समाप्त होने के बाद चतुर्थी शुरू होने से इसी तारीख को गणेश चतुर्थी का पर्व भी पड़ रहा है।

सोशल मीडिया की अपुष्ट जानकारी से बचने की अपील

पंडित विकास मिश्रा ने श्रद्धालुओं से अपील की कि त्योहारों की तिथियों को लेकर सोशल मीडिया पर प्रसारित अपुष्ट संदेशों पर भरोसा न करें। पर्व की सही तिथि जानने के लिए प्रामाणिक पंचांग और विद्वान आचार्यों के मत को आधार बनाएं।

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उन्होंने कहा कि धर्म आस्था के साथ-साथ गणना और परंपरा का विषय भी है। तिथियों के खगोलीय और पंचांग आधारित गणना को समझने से इस तरह की भ्रांतियां दूर हो सकती हैं।

उन्होंने कहा कि हरितालिका तीज केवल व्रत का पर्व नहीं, बल्कि माता पार्वती की तपस्या, संकल्प और निष्ठा का प्रतीक है। इसलिए श्रद्धालुओं को इस पावन पर्व को भ्रम के बजाय सही जानकारी और श्रद्धा के साथ मनाना चाहिए।

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