27 Oct 2026, Tue
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CGPSC घोटाले में बलरामपुर ADM चेतन बोरघरिया गिरफ्तार, 16 सितंबर तक ED रिमांड, पूर्व CM भूपेश बघेल के सचिवालय में थे OSD

रायपुर, 11 सितंबर 2026

छत्तीसगढ़ PSC घोटाले की जांच में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार को बलरामपुर के ADM चेतन बोरघरिया को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। ED ने उनसे पूछताछ के लिए 6 दिन की कस्टोडियल रिमांड मांगी, जिसे कोर्ट ने मंजूर करते हुए 16 सितंबर तक रिमांड दी है।

जांच में बोरघरिया के बैंक खाते में 66 लाख रुपए कैश जमा होने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा PSC मामले में पहले गिरफ्तार किए गए उत्कर्ष चंद्राकर ने उनके खाते में 7 लाख रुपए ट्रांसफर किए थे। यानी जांच एजेंसी की नजर में कुल 73 लाख रुपए के लेन-देन/संपत्ति के स्रोत पर सवाल हैं।

ED के अनुसार, पूछताछ में बोरघरिया 7 लाख रुपए को उत्कर्ष चंद्राकर से लिया गया लोन बता चुके हैं। हालांकि, ED को उनके जवाब संतोषजनक नहीं मिले। अब जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि 66 लाख रुपए कैश जमा होने और 7 लाख रुपए के ट्रांसफर का वास्तविक स्रोत क्या है।

ED के अधिवक्ता सौरभ कुमार पाण्डेय ने बताया कि CGPSC घोटाले में पदों पर चयन और परीक्षा से जुड़ी अनियमितताओं के लिए पैसे के लेन-देन की जांच चल रही है। जांच में बोरघरिया और उत्कर्ष चंद्राकर के बीच वित्तीय संबंध सामने आए हैं।

ED ने यह भी बताया कि बोरघरिया पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के सचिवालय में OSD के रूप में पदस्थ रहे हैं। उसी अवधि में CGPSC के तत्कालीन अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी भी सचिवालय में पदस्थ थे। ED अब इन कड़ियों और कथित वित्तीय लेन-देन की पड़ताल कर रही है।

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16 सितंबर को होगी अगली पेशी

छह दिन की रिमांड के दौरान ED बोरघरिया से पैसों के स्रोत, उत्कर्ष चंद्राकर से संबंध और CGPSC घोटाले से जुड़े अन्य पहलुओं पर पूछताछ करेगी। उनकी अगली पेशी 16 सितंबर को होगी।

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