रायपुर, 16 सितम्बर 2026: छत्तीसगढ़ वाणिज्यिक कर विभाग ने वाणिज्यिक कर निरीक्षक पदों के लिए 2022 में आयोजित सीमित विभागीय प्रतियोगी परीक्षा को गंभीर और व्यापक अनियमितताओं के चलते शून्य और निरस्त घोषित कर दिया है। जांच में चयन प्रक्रिया की निष्पक्षता प्रभावित होने की बात सामने आई।
राज्य कर आयुक्त ने 11 सितंबर 2026 को आदेश जारी करते हुए कहा कि जांच समिति के निष्कर्षों के बाद यह स्पष्ट करना संभव नहीं है कि किन अभ्यर्थियों का चयन योग्यता के आधार पर हुआ और किन्हें अनियमितताओं का लाभ मिला। इसके चलते विभाग ने पूरी चयन प्रक्रिया रद्द कर दी।

विभाग ने लिपिकीय संवर्ग के कर्मचारियों की पदोन्नति के लिए 26 जून 2022 को परीक्षा आयोजित की थी। चयनित अभ्यर्थियों को 1 जुलाई 2022 को नियुक्ति आदेश जारी किए गए थे।

अनियमितताओं की शिकायतों के बाद उपलब्ध दस्तावेजों और रिकॉर्ड की जांच के लिए जांच समिति का गठन किया गया। समिति ने 3 जुलाई 2026 को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की।
जांच रिपोर्ट में कई खामियां सामने आईं। परीक्षा से पहले आरक्षण रोस्टर के अनुसार पदों का श्रेणीवार वर्गीकरण नहीं किया गया था। अधिकारियों के अनुसार यह प्रक्रिया संवैधानिक आरक्षण प्रावधानों और सरकारी रोजगार में समान अवसर के सिद्धांतों के अनुरूप नहीं थी।
जांच में पाया गया कि परीक्षा केंद्र पर अभ्यर्थियों की उपस्थिति पंजिका तक संधारित नहीं की गई थी, जिससे परीक्षा की प्रामाणिकता पर सवाल खड़े हुए। विभाग ने समेकित परिणाम और अंकतालिका भी तैयार या सुरक्षित नहीं रखी, जिसके कारण अभ्यर्थियों की तुलनात्मक योग्यता की पुष्टि करना संभव नहीं हो सका।
कई चयनित अभ्यर्थियों की उत्तर पुस्तिकाओं में एक जैसे उत्तर पाए गए, लेकिन इसका कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण उपलब्ध नहीं था। इसके अलावा मूल्यांकन के दौरान अभ्यर्थियों की पहचान छिपाने के लिए निर्धारित कोडिंग व्यवस्था का भी पालन नहीं किया गया।
जांच समिति ने बताया कि चयन समिति के सदस्यों, जिसमें अध्यक्ष और परीक्षा नियंत्रक भी शामिल थे, ने कुछ उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन में सीधे भाग लिया। इससे कुछ चयनित अभ्यर्थियों को अनुचित लाभ पहुंचाए जाने की आशंका सामने आई।
2021 और 2022 की परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं की संख्या में भी विसंगतियां मिलीं। रिकॉर्ड में दर्ज उत्तर पुस्तिकाओं की संख्या खरीदी गई उत्तर पुस्तिकाओं से अधिक थी और इस अंतर को स्पष्ट करने वाले कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं थे।
राज्य कर आयुक्त ने माना कि अनियमितताएं परीक्षा आयोजन से लेकर उत्तर पुस्तिकाओं के रख-रखाव, मूल्यांकन, पुनर्मूल्यांकन, आरक्षण और अंतिम चयन तक पूरी प्रक्रिया में फैली हुई थीं। इन्हें केवल अलग-अलग प्रक्रियागत खामियां मानना उचित नहीं था।
विभाग ने केवल दोषी अभ्यर्थियों पर कार्रवाई करने या पुनर्मूल्यांकन के आधार पर संशोधित मेरिट सूची तैयार करने जैसे विकल्पों पर भी विचार किया। हालांकि उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर निष्पक्ष तरीके से चयनित अभ्यर्थियों को अलग करना संभव नहीं था। संरचनात्मक खामियों के कारण आंशिक समाधान या संशोधित मेरिट सूची तैयार करने का विकल्प भी प्रभावी नहीं माना गया।
राज्य कर आयुक्त ने 26 जून 2022 को आयोजित परीक्षा को शून्य और निरस्त घोषित कर दिया। इसके साथ ही 1 जुलाई 2022 के आदेश के तहत की गई सभी नियुक्तियां भी निरस्त हो गईं। पदोन्नत सभी कर्मचारी तत्काल प्रभाव से अपने मूल पदों पर वापस लौटेंगे।




