रायपुर, 21 सितम्बर 2026। छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने पार्टी से निष्कासित 20 नेताओं और कार्यकर्ताओं का निष्कासन रद्द कर दिया है। प्रदेश कांग्रेस अनुशासन समिति की बैठक में निष्कासित नेताओं की वापसी से जुड़े 36 मामलों पर विचार किया गया था। इसके बाद पहली सूची में 20 नेताओं का निष्कासन तत्काल प्रभाव से समाप्त करने का आदेश जारी किया गया।
इस सूची में रायपुर, मुंगेली, गरियाबंद, कोंडागांव और राजनांदगांव के नेता शामिल हैं। रायपुर से आनंद कुकरेजा, पूनम पांडेय और विशाल रजानी का निष्कासन रद्द किया गया है। मुंगेली से विनय चोपड़ा को भी राहत मिली है।

राजनांदगांव के 10 नेताओं को राहत
राजनांदगांव से सगीर खान, सिद्धार्थ डोंगरे, राजेश गुप्ता, जितेश सिमनकर, सकूर चौहान, सुनीता सिन्हा, आशीष सोनकर, शशांक डोंगरे, अंजू बंजारे और श्यामबती सिन्हा का निष्कासन रद्द किया गया है।

गरियाबंद से गोरेलाल सिन्हा, राधोवा महाड़िक, भविष्य प्रधान, ऋतिक सिन्हा और भानुप्रताप साहू को पार्टी में वापसी की अनुमति दी गई है। वहीं कोंडागांव से सुशील सोनी का नाम सूची में शामिल है। उपलब्ध आदेश की रिपोर्टों में इन्हीं 20 नामों का उल्लेख है।
पार्टी विरोधी गतिविधियों के मामलों में हुई थी कार्रवाई
इनमें कुछ नेताओं के खिलाफ पहले पार्टी विरोधी गतिविधियों और चुनाव के दौरान अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई थी। आनंद कुकरेजा के मामले में 2023 विधानसभा चुनाव के दौरान उनके बेटे अजीत कुकरेजा के निर्दलीय चुनाव लड़ने के बाद पार्टी की कार्रवाई का भी उल्लेख सामने आया है।
अब प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से जारी आदेश के अनुसार संबंधित नेताओं का निष्कासन तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया है।
अमित जोगी, रेणु जोगी और बृहस्पति सिंह पर फैसला बाकी
अनुशासन समिति के सामने कुल 36 मामलों पर चर्चा हुई थी। इनमें से 20 मामलों में निष्कासन रद्द करने का फैसला हुआ है, जबकि 16 मामले अभी लंबित हैं। रिपोर्टों के अनुसार अमित जोगी, रेणु जोगी और बृहस्पति सिंह से जुड़े मामलों पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
प्रदेश कांग्रेस की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि अनुशासन समिति के निर्णय के अनुसार संबंधित कांग्रेसजनों का निष्कासन तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाता है। आदेश प्रभारी महामंत्री (संगठन एवं प्रशासन) मलकीत सिंह गैदू की ओर से जारी किया गया है।
यह निष्कासित नेताओं की वापसी की पहली सूची है। बाकी मामलों पर पार्टी की अनुशासन समिति के स्तर पर आगे निर्णय लिया जाना है।




