अंबिकापुर, 23 सितम्बर 2026। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के मैनपाट थाना क्षेत्र में 20 वर्षीय नवविवाहिता की चूहा मारने की दवा खाने के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतका की शादी करीब चार महीने पहले ही हुई थी। मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर प्रताड़ना और मारपीट के आरोप लगाए हैं और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
सूरजपुर के वार्ड क्रमांक 13 स्थित प्रगतिनगर निवासी वर्षा यादव (20) की शादी 1 मई 2026 को मैनपाट के लुरैना निवासी अजय यादव से हुई थी। परिजनों के मुताबिक, 18 सितंबर को दोपहर करीब 12 बजे वर्षा ने अपने पिता उमेश यादव को वॉट्सऐप पर मैसेज किया था। इसमें उसने कथित तौर पर कहा कि वह जीना नहीं चाहती और उसे सुकून से मरने दिया जाए।

मैसेज मिलने के कुछ समय बाद अजय यादव ने वर्षा के पिता को फोन कर बताया कि उसकी तबीयत बिगड़ गई है और उसे इलाज के लिए अंबिकापुर के मिशन हॉस्पिटल ले जाया जा रहा है। परिजन अस्पताल पहुंचे तो पता चला कि वर्षा ने चूहा मारने की दवा खा ली थी। उसकी हालत गंभीर होने पर उसे आईसीयू में भर्ती कराया गया।

पिता का आरोप- बेटी के साथ मारपीट की गई
वर्षा के पिता उमेश यादव ने पुलिस को दिए बयान में ससुराल पक्ष पर बेटी को परेशान करने और मारपीट करने का आरोप लगाया है। पिता के मुताबिक, 15 सितंबर को वर्षा ने फोन पर अपनी परेशानी बताई थी। उसने कथित तौर पर बताया था कि उसके साथ मारपीट की गई।
पिता ने यह भी आरोप लगाया कि उसके पति ने कथित तौर पर पेट पर चढ़कर उसका गला दबाने की कोशिश की थी। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।
परिजनों के अनुसार, वर्षा M.Sc. की पढ़ाई जारी रखना चाहती थी। शादी के समय ससुराल पक्ष की सहमति से उसकी पढ़ाई आगे जारी रखने की बात तय हुई थी।
पुलिस और प्रशासन ने दर्ज किए बयान
वर्षा की मौत की सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम और प्रशासनिक अधिकारी अस्पताल पहुंचे। नायब तहसीलदार लखेश्वर सिदार ने बताया कि मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर मारपीट और पैसों के लेन-देन को लेकर आरोप लगाए हैं। इन आरोपों की जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। मायके पक्ष ने निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।




