2 Oct 2026, Fri

CG प्रोफेसर भर्ती पर बड़ा झटका: 100% सीधी भर्ती खत्म, अब 75% पद प्रमोशन से; बाहर वालों के लिए सिर्फ 25% मौका

रायपुर, 02 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ के शासकीय कॉलेजों में प्रोफेसर बनने के लिए सीधी भर्ती का अवसर अब सीमित हो गया है। राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ शैक्षणिक सेवा (महाविद्यालयीन शाखा, राजपत्रित) भर्ती नियम-2019 में संशोधन किया है। नए नियम के तहत प्रोफेसर के 75% पद पदोन्नति और सिर्फ 25% पद सीधी भर्ती से भरे जाएंगे।

पहले प्रोफेसर के 100% पद सीधी भर्ती के माध्यम से भरे जाने का प्रावधान था। संशोधन के बाद सरकारी कॉलेजों में कार्यरत शिक्षकों को प्रमोशन के जरिए प्रोफेसर बनने के अधिक अवसर मिलेंगे, जबकि निजी संस्थानों में कार्यरत शिक्षकों के लिए सरकारी कॉलेजों में सीधी भर्ती का मौका घट जाएगा।

781 स्वीकृत पदों पर लागू होगी नई व्यवस्था

प्रदेश में उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत 343 शासकीय कॉलेज हैं। इनमें प्रोफेसर के कुल 781 पद स्वीकृत हैं। संशोधित नियम के अनुसार इन पदों में 25% पद सीधी भर्ती और 75% पद पदोन्नति से भरे जाएंगे।

सीधी भर्ती छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) के माध्यम से होगी। निर्धारित प्रक्रिया के तहत परीक्षा अथवा इंटरव्यू के जरिए उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा। वहीं पदोन्नति की प्रक्रिया विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) के माध्यम से होगी।

प्रोफेसर पद के लिए न्यूनतम आयु 31 वर्ष और अधिकतम आयु 56 वर्ष निर्धारित है। विभिन्न आयु छूट का लाभ मिलने के बाद भी सीधी भर्ती में अधिकतम आयु 61 वर्ष से अधिक नहीं होगी। प्रोफेसर का पद प्रथम श्रेणी का है।

2021 की भर्ती अब तक अधूरी

शासकीय कॉलेजों में राज्य बनने के बाद पहली बार प्रोफेसर के पदों पर सीधी भर्ती 2021 में 595 पदों के लिए निकाली गई थी। करीब पांच साल बीतने के बावजूद यह भर्ती अभी तक पूरी नहीं हो सकी है।

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CGPSC ने पिछले साल अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन किया था, लेकिन अभी तक पात्र और अपात्र उम्मीदवारों की सूची जारी नहीं हुई है। इसके बाद इंटरव्यू की प्रक्रिया भी होनी है।

2021 में निकली भर्ती के समय प्रोफेसर के सभी पद सीधी भर्ती से भरे जाने थे। अब नियम बदलने के बाद सीधी भर्ती का हिस्सा घटकर 25% रह गया है।

निजी कॉलेजों के शिक्षकों पर ज्यादा असर

नए नियम का सबसे बड़ा असर उन अभ्यर्थियों पर पड़ सकता है, जो सीधी भर्ती के जरिए सरकारी कॉलेज में प्रोफेसर बनने की तैयारी कर रहे हैं। प्रदेश में बड़ी संख्या में असिस्टेंट प्रोफेसर निजी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में सेवाएं दे रहे हैं।

निर्धारित शैक्षणिक योग्यता और अनुभव पूरा करने के बाद सरकारी कॉलेजों में सीधी भर्ती उनके लिए प्रोफेसर बनने का प्रमुख अवसर था। लेकिन अब कुल पदों में से सिर्फ 25% पद ही सीधी भर्ती के लिए उपलब्ध होंगे।

इस बदलाव से सरकारी कॉलेजों में कार्यरत शिक्षकों के लिए पदोन्नति के अवसर बढ़ेंगे, जबकि बाहरी अभ्यर्थियों के लिए सीधी भर्ती के माध्यम से प्रोफेसर बनने के अवसर पहले की तुलना में कम हो जाएंगे।

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