रायपुर, 5 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कोल लेवी घोटाला मामले में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने सोमवार को विशेष अदालत में 9500 पन्नों का छठवां पूरक चालान पेश किया है। इस चालान में 12 लोगों को आरोपी बनाया गया है।
EOW ने यह चालान सुमीत कपूर की विशेष अदालत में पेश किया। मामले में देवेंद्र यादव, विनोद तिवारी, चंद्रदेव राय, पीयूष साहू, आरपी सिंह, जोगेंद्र सिंह, राहुल मिश्रा, जेपी मौर्या, दीपेश टांक, रामगोपाल अग्रवाल, रामप्रताप सिंह और सुनील अग्रवाल को आरोपी बनाया गया है।

2020 से 2022 के बीच अवैध वसूली का आरोप
जांच एजेंसियों के मुताबिक, 2020 से 2022 के बीच कोयला परिवहन पर अवैध शुल्क वसूली का एक समानांतर नेटवर्क संचालित किया गया था। आरोप है कि ऑनलाइन ई-परमिट प्रणाली में बदलाव के बाद मैन्युअल अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) की व्यवस्था लागू की गई और इसी के जरिए कोयला परिवहन के लिए प्रति टन 25 रुपये की अवैध लेवी वसूली जाती थी।

जांच के अनुसार, इस कथित सिंडिकेट के जरिए रोजाना करोड़ों रुपये की वसूली की जाती थी। एजेंसियों का दावा है कि इस रकम का इस्तेमाल बेनामी संपत्तियां खरीदने, चुनावी और व्यक्तिगत खर्चों तथा अधिकारियों और बिचौलियों के बीच रकम बांटने में किया गया।
500 करोड़ से ज्यादा की अवैध कमाई का दावा
जांच एजेंसियों के मुताबिक, वर्ष 2020 से 2022 के दौरान कोयले पर प्रति टन 25 रुपये की लेवी के जरिए करीब 500 से 540 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध राशि एकत्र किए जाने का अनुमान है।
रिपोर्ट के अनुसार, इस नेटवर्क के जरिए प्रतिदिन 2 से 3 करोड़ रुपये तक की वसूली किए जाने का दावा किया गया है। EOW की जांच में कथित तौर पर इस रकम के लेनदेन और उससे जुड़ी संपत्तियों को भी जांच के दायरे में लिया गया है।
EOW द्वारा पेश किए गए इस पूरक चालान के बाद कोल लेवी मामले में आरोपियों और जांच से जुड़े दस्तावेजों को लेकर आगे की न्यायिक प्रक्रिया जारी रहेगी।



