रायपुर, 10 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ में दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई के साथ ही मौसम का मिजाज बदलने लगा है। प्रदेश के कई इलाकों में सुबह और शाम हल्की ठंड महसूस होने लगी है। वहीं, दिन के समय तेज धूप के कारण गर्मी का असर बरकरार है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में प्रदेश का मौसम शुष्क रहने की संभावना है और रात के तापमान में धीरे-धीरे गिरावट आ सकती है।
पेंड्रा रोड में सबसे कम न्यूनतम तापमान

मौसम विभाग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। पेंड्रा रोड में न्यूनतम तापमान 18.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो प्रदेश में सबसे कम रहा। वहीं, अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 18.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। इससे इन इलाकों में सुबह और रात के समय हल्की ठंड का अहसास बढ़ने लगा है।

दूसरी ओर, दिन में गर्मी का असर जारी है। राजनांदगांव में अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। माना एयरपोर्ट रायपुर में तापमान 34.7 डिग्री, बिलासपुर में 33.4 डिग्री और जगदलपुर में 33.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ।
मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी रेखा वर्तमान में बीजापुर, हैदराबाद और पणजी सहित अन्य क्षेत्रों से होकर गुजर रही है। अगले तीन से चार दिनों के दौरान पूर्वी भारत और उत्तरी प्रायद्वीप के कुछ अन्य हिस्सों से मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं।
इसके अलावा, पश्चिमी असम से तेलंगाना तक समुद्र तल से लगभग 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई पर एक द्रोणिका बनी हुई है, जो छत्तीसगढ़ से होकर गुजर रही है। पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर भी चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। हालांकि, मौसम विभाग ने फिलहाल प्रदेश में किसी प्रकार की चेतावनी जारी नहीं की है।
रायपुर में कैसा रहेगा मौसम?
राजधानी रायपुर में 10 अक्टूबर को आसमान मुख्यतः साफ रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, शहर में अधिकतम तापमान लगभग 34 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है।
आने वाले दिनों में बढ़ेगी ठंड
प्रदेश में फिलहाल बारिश की संभावना कम है और मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। सुबह और शाम के समय हल्की ठंड महसूस होने लगी है। आने वाले दिनों में रात के तापमान में और गिरावट आने पर ठंड का असर बढ़ सकता है। ऐसे में प्रदेशवासियों को सुबह और रात में मौसम में होने वाले बदलाव का अहसास अधिक होने की संभावना है।



