रायपुर, 13 अक्टूबर। राजधानी रायपुर में विजयादशमी पर इस बार दशहरे का भव्य आयोजन होगा। डब्ल्यूआरएस कॉलोनी स्थित दशहरा मैदान में 101 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया जाएगा। भव्य आतिशबाजी और जय श्रीराम के जयघोष के बीच होने वाले इस आयोजन में करीब 5 लाख लोगों के पहुंचने की संभावना है। आयोजन को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा, यातायात और नागरिक सुविधाओं को लेकर विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं।
राज्यपाल-सीएम समेत कई दिग्गज होंगे शामिल
डब्ल्यूआरएस मैदान में आयोजित दशहरा उत्सव में राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के शामिल होने का कार्यक्रम प्रस्तावित है। इनके अलावा राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, रायपुर नगर निगम की महापौर मीनल चौबे समेत प्रदेश के मंत्री, विधायक और अन्य जनप्रतिनिधि भी आयोजन में शामिल होंगे। बड़ी संख्या में लोगों की संभावित मौजूदगी के चलते यह आयोजन राजधानी के प्रमुख आकर्षणों में शामिल रहेगा।

विधायक पुरंदर मिश्रा बोले- सुरक्षा और सुविधा प्राथमिकता
रायपुर उत्तर के विधायक पुरंदर मिश्रा ने कहा कि दशहरा भारतीय संस्कृति, धार्मिक आस्था और गौरवशाली परंपरा का प्रतीक है। भगवान श्रीराम का जीवन सत्य, धर्म, त्याग और मर्यादा का संदेश देता है, जबकि रावण दहन बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है।

उन्होंने कहा कि डब्ल्यूआरएस मैदान का दशहरा उत्सव राजधानी की सांस्कृतिक पहचान बन चुका है। हर साल यहां बड़ी संख्या में परिवार, महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग पहुंचते हैं। इस बार भी संभावित भीड़ को देखते हुए आयोजन को भव्य बनाने के साथ लोगों की सुरक्षा और सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
पार्किंग, पेयजल और ट्रैफिक पर खास फोकस
करीब 5 लाख लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए पार्किंग, यातायात व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन पर विशेष जोर दिया जा रहा है। मैदान और आसपास के क्षेत्रों में पेयजल, साफ-सफाई और पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर ध्यान दिया जाएगा।
इसके साथ ही प्राथमिक चिकित्सा, आपातकालीन सहायता और अग्निशमन व्यवस्था को भी प्राथमिकता दी जा रही है। रावण दहन और आतिशबाजी के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन कराने के साथ महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के लिए सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने पर जोर रहेगा।
सिर्फ पुतला दहन नहीं, बुराइयों के अंत का संदेश
विधायक पुरंदर मिश्रा ने कहा कि दशहरा केवल रावण के पुतले के दहन तक सीमित नहीं है। यह सत्य की असत्य पर, धर्म की अधर्म पर और अच्छाई की बुराई पर विजय का संदेश देता है। भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपनाकर समाज में प्रेम, सद्भाव, एकता और भाईचारे को मजबूत करने की जरूरत है।
उन्होंने आयोजन से जुड़े विभागों, पुलिस, प्रशासनिक अधिकारियों और आयोजन समिति से आपसी समन्वय के साथ सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
परिवार के साथ पहुंचें, सुरक्षा निर्देशों का करें पालन
विधायक ने नागरिकों से परिवार सहित दशहरा उत्सव में शामिल होने की अपील की। उन्होंने लोगों से निर्धारित पार्किंग स्थलों का उपयोग करने, प्रशासन और आयोजन समिति के दिशा-निर्देशों का पालन करने तथा रावण दहन और आतिशबाजी के दौरान सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की।
101 फीट ऊंचे रावण का दहन, भव्य आतिशबाजी और लाखों लोगों की संभावित भागीदारी इस बार भी डब्ल्यूआरएस मैदान के दशहरा उत्सव को राजधानी के बड़े आकर्षणों में शामिल कर सकती है। आयोजन की सफलता के लिए सुरक्षा और नागरिक सुविधाओं की बेहतर व्यवस्था अहम रहेगी।



