नई दिल्ली, 15 अक्टूबर। अब मोबाइल पर अनजान नंबर से आने वाली कॉल की पहचान करना आसान हो सकता है। केंद्र सरकार के दूरसंचार विभाग (DoT) ने टेलीकॉम कंपनियों को 1 नवंबर 2026 से कॉलिंग नेम प्रेजेंटेशन (CNAP) सेवा लागू करने का निर्देश दिया है। इस सुविधा के तहत इनकमिंग कॉल के दौरान मोबाइल स्क्रीन पर कॉल करने वाले का नाम और नंबर दिखाई देगा।
Jio, Airtel, Vi और BSNL ग्राहकों को मिलेगी सुविधा
दूरसंचार विभाग के 13 अक्टूबर को जारी सर्कुलर के मुताबिक, रिलायंस जियो, भारती एयरटेल, वोडाफोन आइडिया (Vi) और BSNL समेत संबंधित टेलीकॉम कंपनियों को यह सुविधा उपलब्ध करानी होगी। रिपोर्ट के अनुसार, सेवा डिफॉल्ट रूप से शुरू की जाएगी, यानी ग्राहकों को इसके लिए अलग से अनुरोध करने की जरूरत नहीं होगी।

कैसे काम करेगी CNAP सेवा?
CNAP यानी कॉलिंग नेम प्रेजेंटेशन सुविधा के जरिए फोन पर कॉल आने पर स्क्रीन पर कॉल करने वाले का मोबाइल नंबर और टेलीकॉम कंपनी के रिकॉर्ड में दर्ज नाम दिखाई देगा।

यदि नंबर पहले से मोबाइल में सेव है, तो फोन में सेव कॉन्टैक्ट का नाम दिख सकता है। वहीं, अनजान घरेलू नंबरों के मामले में ऑपरेटर के सब्सक्राइबर रिकॉर्ड में दर्ज नाम प्रदर्शित किया जाएगा। अंतरराष्ट्रीय कॉल के दौरान स्क्रीन पर ‘International Call’ लिखा दिखाई दे सकता है।
क्या अब Truecaller की जरूरत नहीं पड़ेगी?
इस सेवा का उद्देश्य बिना किसी थर्ड-पार्टी ऐप के कॉल करने वाले की पहचान से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराना है। इससे अनजान कॉल की पहचान करने और स्पैम कॉल व साइबर धोखाधड़ी पर अंकुश लगाने में मदद मिल सकती है।
हालांकि, स्क्रीन पर नाम दिखाई देने का मतलब यह नहीं है कि कॉल पूरी तरह सुरक्षित है। इसलिए किसी अनजान कॉल पर बैंक खाते की जानकारी, पासवर्ड या OTP साझा करने से बचना चाहिए।
शुरुआत में 4G और नए नेटवर्क पर लागू होगी सुविधा
रिपोर्ट के मुताबिक, शुरुआती चरण में CNAP सेवा 4G और उससे नई तकनीक वाले वायरलेस नेटवर्क पर लागू होगी। 2G, 3G और लैंडलाइन नेटवर्क पर इसे लागू करने को लेकर अलग से विचार किया जाएगा।
मोबाइल यूजर्स के लिए क्या बदलेगा?
CNAP सेवा लागू होने के बाद मोबाइल यूजर्स को अनजान नंबर से आने वाली कॉल पर नंबर के साथ कॉलर के नाम की जानकारी भी मिल सकेगी। इससे जरूरी कॉल और संभावित स्पैम कॉल के बीच अंतर समझने में मदद मिल सकती है। हालांकि, दिखाई देने वाले नाम को कॉल करने वाले की पहचान का अंतिम प्रमाण नहीं मानना चाहिए।
स्रोत: दूरसंचार विभाग (DoT) का 13 अक्टूबर 2026 का सर्कुलर और 15 अक्टूबर 2026 की मीडिया रिपोर्टें।


