रायपुर, 15 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ के शैक्षणिक जगत के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि सामने आई है। नया रायपुर स्थित कलिंगा विश्वविद्यालय के उप-डीएए (Deputy DAA) एवं विज्ञान संकाय के प्रभारी प्रमुख डॉ. बेंडी आंजनेयुलु को दुनिया के शीर्ष 2% वैज्ञानिकों की प्रतिष्ठित वैश्विक सूची में शामिल किया गया है। स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी और एल्सेवियर द्वारा संयुक्त रूप से विकसित इस सूची में स्थान प्राप्त करना उनके उत्कृष्ट शोध कार्यों, वैज्ञानिक योगदान और अंतरराष्ट्रीय अकादमिक प्रभाव को दर्शाता है। विश्वविद्यालय ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए डॉ. आंजनेयुलु को बधाई दी है।
डॉ. बेंडी आंजनेयुलु की इस उपलब्धि को वैज्ञानिक अनुसंधान के क्षेत्र में उनके निरंतर प्रयासों और शोध के प्रति समर्पण का महत्वपूर्ण परिणाम माना जा रहा है। उनका शोध कार्य रसायन विज्ञान के विभिन्न क्षेत्रों के साथ-साथ कई अंतरविषयक विषयों तक फैला हुआ है। वह ऐसे वैज्ञानिक अनुसंधान पर काम कर रहे हैं, जिनका संबंध नई सामग्रियों के विकास, औषधीय अनुसंधान, पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक वैज्ञानिक चुनौतियों के समाधान से है।

रसायन विज्ञान से लेकर पर्यावरण संरक्षण तक फैला शोध कार्य

डॉ. आंजनेयुलु के प्रमुख शोध क्षेत्रों में कार्बनिक रसायन (Organic Chemistry), औषधीय रसायन (Medicinal Chemistry), कंप्यूटेशनल रसायन, नैनोमटेरियल्स, उत्प्रेरक (Catalysis), ग्रीन केमिस्ट्री और पर्यावरण सुधार (Environmental Remediation) शामिल हैं। इन क्षेत्रों में उनका शोध वैज्ञानिक नवाचार को प्रोत्साहित करने और विभिन्न व्यावहारिक समस्याओं के समाधान विकसित करने पर केंद्रित है।
कार्बनिक रसायन और औषधीय रसायन के क्षेत्र में अनुसंधान नई रासायनिक संरचनाओं तथा संभावित उपयोगों को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। वहीं, कंप्यूटेशनल रसायन के माध्यम से रासायनिक प्रक्रियाओं और पदार्थों के गुणों का अध्ययन किया जाता है। नैनोमटेरियल्स और उत्प्रेरक से जुड़े शोध का उपयोग सामग्री विज्ञान तथा विभिन्न औद्योगिक प्रक्रियाओं में नए अवसर विकसित करने के लिए किया जा सकता है।
इसी तरह, ग्रीन केमिस्ट्री का उद्देश्य रासायनिक प्रक्रियाओं को अधिक सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल बनाना है, जबकि पर्यावरण सुधार से संबंधित अनुसंधान प्रदूषण और पर्यावरणीय समस्याओं के समाधान तलाशने में सहायक होता है। डॉ. आंजनेयुलु का अंतरविषयक शोध इन क्षेत्रों के बीच वैज्ञानिक सहयोग और नवाचार की संभावनाओं को आगे बढ़ाता है।
100 से अधिक शोध प्रकाशन, स्कोपस में एच-इंडेक्स 18
डॉ. बेंडी आंजनेयुलु ने वैज्ञानिक अनुसंधान के क्षेत्र में एक मजबूत अकादमिक पहचान स्थापित की है। उनके नाम पर 100 से अधिक विद्वत्तापूर्ण प्रकाशन हैं। इनमें शोध लेख, समीक्षा लेख, पुस्तकें और पुस्तक अध्याय शामिल हैं। उनके शोध कार्य स्कोपस (Scopus) और वेब ऑफ साइंस (Web of Science) जैसे प्रमुख वैज्ञानिक डेटाबेस में अनुक्रमित हैं।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, स्कोपस में उनका एच-इंडेक्स 18 और वेब ऑफ साइंस में एच-इंडेक्स 17 है। एच-इंडेक्स किसी शोधकर्ता के प्रकाशित शोधपत्रों और उन पर मिले उद्धरणों के आधार पर उसके वैज्ञानिक योगदान का आकलन करने वाला एक मानक है। यह शोध कार्यों की पहुंच और अन्य शोधकर्ताओं द्वारा उनके उपयोग को समझने में मदद करता है।
उनके शोध निष्कर्ष एल्सेवियर, वाइली, स्प्रिंगर नेचर, रॉयल सोसाइटी ऑफ केमिस्ट्री (RSC) और टेलर एंड फ्रांसिस जैसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक प्रकाशकों से जुड़ी पत्रिकाओं में प्रकाशित हुए हैं। इन प्रकाशनों के माध्यम से उनके शोध कार्यों को अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक समुदाय तक पहुंच मिली है।
बौद्धिक संपदा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण योगदान
शोध प्रकाशनों के साथ-साथ डॉ. आंजनेयुलु ने बौद्धिक संपदा के क्षेत्र में भी योगदान दिया है। उनके नाम पर चार स्वीकृत पेटेंट और चार प्रकाशित पेटेंट हैं। पेटेंट वैज्ञानिक और तकनीकी नवाचारों को बौद्धिक संपदा के रूप में संरक्षण देने की महत्वपूर्ण व्यवस्था है।
शोध प्रकाशनों और पेटेंट के माध्यम से किसी वैज्ञानिक के कार्यों का प्रभाव अकादमिक अध्ययन के साथ-साथ नए विचारों और तकनीकी समाधानों के विकास में भी दिखाई दे सकता है। डॉ. आंजनेयुलु की शोध उपलब्धियां रसायन विज्ञान और उससे जुड़े क्षेत्रों में उनके निरंतर प्रयासों को रेखांकित करती हैं।
क्या है स्टैनफोर्ड-एल्सेवियर की टॉप 2% वैज्ञानिक सूची?
स्टैनफोर्ड-एल्सेवियर टॉप 2% साइंटिस्ट्स सूची दुनिया भर के उन शोधकर्ताओं की पहचान करने के उद्देश्य से तैयार की जाती है, जिनके वैज्ञानिक कार्यों का व्यापक प्रभाव रहा है। इसे स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं और एल्सेवियर के वैज्ञानिक डेटा के सहयोग से विकसित किया गया है।
इस सूची में वैज्ञानिकों का मूल्यांकन 22 प्रमुख वैज्ञानिक क्षेत्रों और 174 उप-क्षेत्रों में किया जाता है। इसमें उद्धरणों से जुड़े विभिन्न मानकों को शामिल करने वाला समग्र संकेतक (c-score) महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इस आकलन में कुल उद्धरणों के साथ सह-लेखकों के योगदान और शोधपत्रों में लेखक की भूमिका जैसे पहलुओं को भी ध्यान में रखा जाता है।
वैज्ञानिक प्रकाशनों पर मिलने वाले उद्धरण इस बात का एक संकेत होते हैं कि किसी शोध का उपयोग या उल्लेख अन्य वैज्ञानिकों ने अपने कार्यों में कितनी बार किया है। हालांकि, वैज्ञानिक प्रभाव का मूल्यांकन केवल एक मानक से नहीं किया जाता, बल्कि शोध के क्षेत्र और उससे संबंधित अन्य पहलुओं को भी महत्व दिया जाता है।
इस वैश्विक सूची में स्थान प्राप्त करना शोधकर्ता के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह उनके शोध कार्यों की पहुंच, वैज्ञानिक समुदाय में योगदान और अकादमिक क्षेत्र में निरंतर सक्रियता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाता है।
कलिंगा विश्वविद्यालय ने व्यक्त किया गर्व
कलिंगा विश्वविद्यालय ने डॉ. बेंडी आंजनेयुलु की उपलब्धि पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान उनके उत्कृष्ट शोध कार्यों, नवाचार के प्रति प्रतिबद्धता और वैज्ञानिक ज्ञान को आगे बढ़ाने के निरंतर प्रयासों को दर्शाता है। विश्वविद्यालय ने उन्हें इस प्रतिष्ठित वैश्विक पहचान के लिए हार्दिक बधाई दी है।
विश्वविद्यालय का कहना है कि गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान को बढ़ावा देना, शैक्षणिक वातावरण को सुदृढ़ बनाना और संकाय सदस्यों को नए वैज्ञानिक विचारों पर काम करने के लिए प्रोत्साहित करना उसकी प्राथमिकताओं में शामिल है। एक मजबूत अनुसंधान वातावरण के माध्यम से विद्यार्थियों और युवा शोधकर्ताओं को विज्ञान, प्रौद्योगिकी तथा नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
डॉ. आंजनेयुलु की उपलब्धि विश्वविद्यालय की इसी शोध-केंद्रित सोच को मजबूती प्रदान करती है। इससे संकाय सदस्यों और विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शोध की गुणवत्ता बढ़ाने, नए विषयों पर अध्ययन करने तथा वैज्ञानिक चुनौतियों के समाधान खोजने की प्रेरणा मिलने की उम्मीद है।
व्यक्तिगत उपलब्धि के साथ विश्वविद्यालय के लिए भी गौरव
दुनिया के शीर्ष 2% वैज्ञानिकों की सूची में शामिल होना डॉ. बेंडी आंजनेयुलु के अकादमिक और शोध करियर का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। 100 से अधिक शोध प्रकाशनों, प्रतिष्ठित वैज्ञानिक प्रकाशकों में प्रकाशित कार्यों और पेटेंट के माध्यम से उन्होंने अनुसंधान के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई है।
उनकी यह उपलब्धि न केवल उनके व्यक्तिगत शोध योगदान को रेखांकित करती है, बल्कि कलिंगा विश्वविद्यालय के लिए भी गौरव का विषय है। यह सम्मान वैज्ञानिक अनुसंधान, अंतरविषयक सहयोग और नवाचार के महत्व को सामने लाता है। विश्वविद्यालय ने विश्वास व्यक्त किया है कि डॉ. आंजनेयुलु का शोध कार्य भविष्य में भी वैज्ञानिक ज्ञान को आगे बढ़ाने और युवा पीढ़ी को अनुसंधान के प्रति प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।


