नवा रायपुर, 19 अक्टूबर 2026
छत्तीसगढ़ के शैक्षणिक जगत के लिए गौरव की खबर है। कलिंगा विश्वविद्यालय, नया रायपुर के डॉ. बेंडी आंजनेयुलु को दुनिया के शीर्ष 2 प्रतिशत वैज्ञानिकों की प्रतिष्ठित वैश्विक सूची में स्थान मिला है। स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी और एल्सेवियर की ओर से तैयार की जाने वाली इस सूची में उनका शामिल होना उनके शोध कार्यों, वैज्ञानिक योगदान और अंतरविषयक अनुसंधान की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की अंतरराष्ट्रीय पहचान के रूप में देखा जा रहा है।

डॉ. बेंडी आंजनेयुलु कलिंगा विश्वविद्यालय में उप-डीएए (Deputy DAA) और विज्ञान संकाय के प्रभारी संकाय प्रमुख के रूप में कार्यरत हैं। रसायन विज्ञान और उससे जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में उनके शोध ने उन्हें अकादमिक जगत में एक विशिष्ट पहचान दिलाई है।


100 से अधिक शोध प्रकाशन, चार पेटेंट भी स्वीकृत
डॉ. बेंडी का शोध कार्य केवल पारंपरिक रसायन विज्ञान तक सीमित नहीं है। कार्बनिक रसायन, औषधीय रसायन, कंप्यूटेशनल केमिस्ट्री, नैनोमटेरियल्स, उत्प्रेरक, ग्रीन केमिस्ट्री और पर्यावरण सुधार जैसे क्षेत्रों में उनका व्यापक शोध योगदान रहा है। उनका अनुसंधान वैज्ञानिक नवाचार के साथ-साथ पर्यावरणीय चुनौतियों के समाधान तलाशने पर भी केंद्रित है।
उनकी शोध उपलब्धियों का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उनके 100 से अधिक विद्वत्तापूर्ण प्रकाशन स्कोपस और वेब ऑफ साइंस जैसे प्रमुख शोध डेटाबेस में अनुक्रमित हैं। स्कोपस में उनका एच-इंडेक्स 18 और वेब ऑफ साइंस में 17 बताया गया है। इसके अतिरिक्त, उनके नाम चार स्वीकृत पेटेंट और चार प्रकाशित पेटेंट भी दर्ज हैं।
उनके शोधपत्र एल्सेवियर, वाइली, स्प्रिंगर नेचर, रॉयल सोसाइटी ऑफ केमिस्ट्री और टेलर एंड फ्रांसिस जैसे प्रतिष्ठित वैज्ञानिक प्रकाशकों से जुड़ी अंतरराष्ट्रीय पत्रिकाओं में प्रकाशित हुए हैं।
शोध की गुणवत्ता और प्रभाव का वैश्विक मूल्यांकन
स्टैनफोर्ड-एल्सेवियर की शीर्ष 2 प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची वैश्विक स्तर पर शोधकर्ताओं के वैज्ञानिक प्रभाव का आकलन करने वाली चर्चित सूचियों में शामिल है। इसमें उद्धरणों, सह-लेखक योगदान और लेखक की शोध में भूमिका जैसे विभिन्न संकेतकों के आधार पर वैज्ञानिकों के योगदान का मूल्यांकन किया जाता है।
यहां यह समझना भी महत्वपूर्ण है कि इस सूची में स्थान मिलना केवल शोधपत्रों की संख्या का परिणाम नहीं, बल्कि निर्धारित वैज्ञानिक संकेतकों के आधार पर शोध के प्रभाव का आकलन है। हालांकि, किसी वैज्ञानिक की वास्तविक उपलब्धियों को समझने के लिए उनके शोध की गुणवत्ता, उपयोगिता और समाज पर पड़ने वाले प्रभाव को भी ध्यान में रखना जरूरी है।
कलिंगा विश्वविद्यालय ने जताया गर्व
डॉ. बेंडी आंजनेयुलु की इस उपलब्धि पर कलिंगा विश्वविद्यालय ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी है। विश्वविद्यालय के अनुसार, यह उपलब्धि शोध उत्कृष्टता, नवाचार और अंतरविषयक सहयोग के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
विश्वविद्यालय ने गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान को प्रोत्साहित करने और विद्यार्थियों व संकाय सदस्यों को विज्ञान, प्रौद्योगिकी तथा नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने की अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई है।
वैश्विक वैज्ञानिक सूची में डॉ. बेंडी आंजनेयुलु का शामिल होना कलिंगा विश्वविद्यालय के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। साथ ही, यह छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा और शोध गतिविधियों को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में एक उल्लेखनीय अवसर भी है।


