रायपुर, 19 अक्टूबर। रायपुर रेंज पुलिस ने ऑपरेशन साइबर शील्ड के तहत साइबर अपराधों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक आरोपी वरिष्ठ IAS अधिकारी सुबोध कुमार सिंह के नाम से फर्जी फेसबुक आईडी बनाने के मामले में शामिल है, जबकि दूसरे पर शेयर ट्रेडिंग में मुनाफे का झांसा देकर 88 लाख रुपये की ठगी करने का आरोप है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों से जुड़े बैंक खातों के संबंध में देश के अलग-अलग 11 थानों और साइबर सेल में शिकायतें दर्ज हैं।
पुलिस महानिरीक्षक रायपुर रेंज अमरेश मिश्रा के निर्देश पर रेंज साइबर थाना रायपुर ने दोनों मामलों की जांच करते हुए तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की। इसके बाद पुलिस टीम ने उत्तर प्रदेश में कार्रवाई कर उन्हें गिरफ्तार किया।

IAS अधिकारी के नाम से बनाई फर्जी Facebook ID
पहले मामले में सुशांत पनका ने शिकायत दर्ज कराई थी कि अज्ञात व्यक्ति ने वरिष्ठ IAS अधिकारी सुबोध कुमार सिंह के नाम से फेसबुक पर फर्जी आईडी बनाई है। इस मामले में थाना राखी में अपराध क्रमांक 153/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 319(2), 336(3) और आईटी एक्ट की धारा 66(C) के तहत केस दर्ज किया गया था।

जांच के दौरान फेसबुक, गूगल और मोबाइल सेवा प्रदाता कंपनियों से मिली जानकारी का तकनीकी विश्लेषण किया गया। इसके आधार पर पुलिस ने उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले के ग्राम पारा निवासी अर्जुन कुमार जाटव (23) की पहचान कर उसे गिरफ्तार किया।
पुलिस के अनुसार, आरोपी अपने साथियों के साथ मिलकर फर्जी फेसबुक आईडी बनाने और धोखाधड़ी से जुड़ी गतिविधियों में शामिल था। उसके मोबाइल फोन की जांच में अन्य जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के नाम से भी फर्जी फेसबुक आईडी बनाए जाने के साक्ष्य मिले हैं। पुलिस इस संबंध में आगे वैधानिक कार्रवाई कर रही है।
शेयर ट्रेडिंग में 88 लाख रुपये की ठगी
दूसरे मामले में रश्मि शर्मा ने शेयर ट्रेडिंग में मुनाफा दिलाने का झांसा देकर 88 लाख रुपये की धोखाधड़ी किए जाने की शिकायत दर्ज कराई थी। इस मामले में रेंज साइबर थाना रायपुर में अपराध क्रमांक 14/24 के तहत BNS की धारा 318(4), 3(5), 238 और 111 तथा आईटी एक्ट की धारा 66(D) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।
पुलिस ने बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और व्हाट्सएप से मिले तथ्यों का विश्लेषण कर मुख्य आरोपी की पहचान की। जांच के अनुसार, कानपुर, उत्तर प्रदेश निवासी प्रवीण कुमार दीक्षित (46) अपने साथियों के साथ मिलकर ‘दीक्षित एजेंसी’ नाम से फर्जी कंपनी के जरिए बैंक खाते खुलवाता था। इन खातों का इस्तेमाल कथित तौर पर धोखाधड़ी की रकम प्राप्त करने के लिए किया जाता था।
पूछताछ के दौरान आरोपी से अन्य संदिग्धों के संबंध में भी जानकारी मिली है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी द्वारा इस्तेमाल किए गए बैंक खाते से संबंधित देश के विभिन्न 11 थानों और साइबर सेल में शिकायतें दर्ज हैं। पुलिस मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
पुलिस की जांच जारी
रायपुर रेंज पुलिस की इस कार्रवाई में साइबर अपराधों से जुड़े दो अलग-अलग मामलों में आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस तकनीकी साक्ष्यों और वित्तीय लेनदेन की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है। पुलिस ने लोगों से सोशल मीडिया पर किसी अधिकारी या जनप्रतिनिधि के नाम से बनी संदिग्ध प्रोफाइल की पुष्टि किए बिना भरोसा नहीं करने और शेयर ट्रेडिंग में अधिक मुनाफे के दावों से सतर्क रहने की अपील की है।
गिरफ्तार आरोपी:
- अर्जुन कुमार जाटव (23 वर्ष), निवासी ग्राम पारा, तहसील मौदहा, उत्तर प्रदेश।
- प्रवीण कुमार दीक्षित (46 वर्ष), निवासी पांडु नगर, हंसनगर, कानपुर, उत्तर प्रदेश।


