रायपुर, 20 अक्टूबर। पर्यावरण संरक्षण और पॉलीथिन मुक्त समाज के संकल्प के साथ ग्रीन आर्मी छत्तीसगढ़ ने लगातार नौवें वर्ष पॉलीथिन रूपी रावण दहन कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान जागरूकता रैली निकालकर लोगों को पॉलीथिन के दुष्प्रभावों से अवगत कराया गया और कपड़े व कागज के थैलों का उपयोग करने की अपील की गई।

कार्यक्रम की शुरुआत ब्राह्मणपारा चौक स्थित दुर्गा पंडाल में मां दुर्गा की पूजा-अर्चना के साथ हुई। इसके बाद रैली ब्राह्मणपारा चौक से बैस गली स्थित हनुमान मंदिर होते हुए कंकाली तालाब पहुंची। यहां कंकाली माता मंदिर में दर्शन कर श्रद्धालुओं ने दशहरे के अवसर पर वर्ष में केवल एक बार खुलने वाले देवी शस्त्रागार में देवी के पवित्र शस्त्रों के दर्शन किए। इसके बाद रैली सुहागा मंदिर होते हुए आजाद चौक पहुंची, जहां पॉलीथिन रूपी रावण का दहन किया गया।

रैली के दौरान पॉलीथिन के उपयोग पर रोक लगाने की अपील लिखी तख्तियां और पॉलीथिन से निर्मित रावण लोगों के आकर्षण का केंद्र रहे। इनके माध्यम से पर्यावरण और जीव-जंतुओं पर पॉलीथिन के हानिकारक प्रभावों के प्रति लोगों को जागरूक किया गया। साथ ही दैनिक जीवन में प्लास्टिक की थैलियों के स्थान पर कपड़े और कागज के थैले अपनाने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम में ब्राह्मणपारा वार्ड के पार्षद अजय साहू मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
ग्रीन आर्मी के प्रदेश अध्यक्ष एवं संस्थापक अमिताभ दुबे ने कहा कि पॉलीथिन रूपी रावण दहन का उद्देश्य लोगों को पॉलीथिन के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना और पर्यावरण संरक्षण के लिए जनभागीदारी बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।
रायपुर जिला अध्यक्ष गुरदीप टुटेजा ने कहा कि पॉलीथिन पर्यावरण के साथ-साथ पशुओं के लिए भी गंभीर खतरा है। इसके उपयोग को कम करने के लिए प्रत्येक नागरिक को कपड़े और कागज के थैलों को अपनाना चाहिए।
वहीं, प्रदेश मीडिया प्रभारी शशिकांत यदु ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिन का अभियान नहीं, बल्कि हमारी दैनिक जिम्मेदारी है। पॉलीथिन रूपी रावण दहन के माध्यम से समाज को पर्यावरण के अनुकूल जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया गया है। उन्होंने कहा कि जनभागीदारी से ही पॉलीथिन मुक्त समाज का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
ग्रीन आर्मी छत्तीसगढ़ वर्षभर स्वच्छता अभियान, वृक्षारोपण और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाती है। संस्था ने नागरिकों से पॉलीथिन का उपयोग छोड़ने, वैकल्पिक थैलों को अपनाने और स्वच्छ एवं हरित पर्यावरण के निर्माण में सहयोग देने की अपील की।


