रायपुर, 21 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ के नगर सैनिकों (होमगार्ड) के लिए राहत भरी खबर है। राज्य शासन ने नगर सैनिकों का मानदेय बढ़ाकर 30,870 रुपये प्रतिमाह करने का प्रस्ताव तैयार किया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश और गृह मंत्री विजय शर्मा के मार्गदर्शन में की गई इस पहल से प्रदेश के लगभग 7,900 नगर सैनिकों और उनके परिवारों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
नगर सैनिक प्रदेश में कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अग्निशमन, आपदा प्रबंधन और अन्य आवश्यक सेवाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। नए प्रस्ताव के अनुसार, उन्हें प्रतिदिन करीब 1,029 रुपये के हिसाब से मानदेय मिलेगा।

नए प्रस्ताव में मानदेय का गणित
गृह विभाग द्वारा तैयार प्रस्ताव के मुताबिक, नगर सैनिकों के मानदेय में मूल राशि के साथ महंगाई भत्ता और वर्दी धुलाई भत्ता शामिल किया गया है।

- मूल मानदेय: 19,500 रुपये प्रतिमाह
- महंगाई भत्ता (58 प्रतिशत): 11,310 रुपये
- वर्दी धुलाई भत्ता: 60 रुपये
- कुल प्रस्तावित मानदेय: 30,870 रुपये प्रतिमाह
पहले 10 हजार से बढ़कर 19,500 रुपये हुआ था मानदेय
नगर सैनिकों के मानदेय में इससे पहले भी समय-समय पर बढ़ोतरी की गई है। वर्ष 2017 में गृह विभाग के आदेश के तहत मानदेय में 3,200 रुपये की वृद्धि करते हुए इसे 10,000 रुपये से बढ़ाकर 13,200 रुपये प्रतिमाह किया गया था।
इसके बाद 30 मई 2023 को जारी आदेश के तहत 1 अप्रैल 2023 से मानदेय में 6,300 रुपये की वृद्धि की गई। इससे नगर सैनिकों का मानदेय बढ़कर 19,500 रुपये प्रतिमाह हो गया था।
महंगाई और सेवाओं में योगदान को देखते हुए फैसला
लगातार बढ़ती महंगाई, न्यायालय के निर्देशों और ड्यूटी के दौरान नगर सैनिकों द्वारा निभाई जा रही जिम्मेदारियों को ध्यान में रखते हुए गृह विभाग ने मानदेय बढ़ाने की अनुशंसा की है।
सरकार की इस पहल से नगर सैनिकों को आर्थिक मजबूती मिलने के साथ उनका मनोबल बढ़ने की उम्मीद है। मानदेय में बढ़ोतरी के प्रस्ताव पर नगर सैनिकों ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और गृह मंत्री विजय शर्मा के प्रति आभार व्यक्त किया है।
नोट: जारी जानकारी के अनुसार, 30,870 रुपये प्रतिमाह का मानदेय अभी प्रस्तावित है। इसे अंतिम रूप से स्वीकृत और लागू किए जाने की स्थिति की पुष्टि संबंधित शासनादेश से की जानी चाहिए।


