रायपुर, 22 अक्टूबर 2026। कलिंगा विश्वविद्यालय ने सामाजिक उत्तरदायित्व, समावेशिता और सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दिवाली के अवसर पर विशेष पहल की। विश्वविद्यालय परिसर में आकांक्षा लायंस इंस्टीट्यूट ऑफ लर्निंग एंड एम्पावरमेंट, रायपुर के विशेष विद्यार्थियों द्वारा तैयार हस्तनिर्मित उत्पादों की बिक्री आयोजित की गई। छात्र कल्याण अधिष्ठाता विभाग के पर्यवेक्षण में आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों की रचनात्मकता और प्रतिभा को मंच प्रदान किया गया।
इस बिक्री में विद्यार्थियों द्वारा तैयार दीये, तोरण, सजावटी कलश, तुलसी चौरा और दीपावली से जुड़ी अन्य सजावटी वस्तुएं प्रदर्शित की गईं। प्रत्येक उत्पाद विद्यार्थियों की कलात्मक क्षमता, मेहनत और रचनात्मकता को दर्शा रहा था। इस पहल ने त्योहारी उत्साह के साथ आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता और समावेशिता का संदेश भी दिया।

कलिंगा विश्वविद्यालय की इस पहल का उद्देश्य विशेष आवश्यकता वाले विद्यार्थियों की प्रतिभा को पहचान दिलाना, उन्हें प्रोत्साहित करना और समाज में समान अवसरों के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। हस्तनिर्मित उत्पादों की बिक्री से प्राप्त राशि का उपयोग विशेष बच्चों के दिवाली उत्सव के लिए किया जाएगा। इससे इस आयोजन को सामाजिक सरोकार से जुड़ा एक विशेष उद्देश्य मिला।

कार्यक्रम को विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों और शिक्षकों से उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली। उन्होंने आकांक्षा लायंस इंस्टीट्यूट के विद्यार्थियों द्वारा तैयार हस्तनिर्मित वस्तुओं की सराहना की और उनकी रचनात्मकता को प्रोत्साहित किया। इस सहभागिता ने यह संदेश दिया कि सम्मान, प्रोत्साहन और समान अवसर किसी भी व्यक्ति के आत्मविश्वास को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
आकांक्षा लायंस इंस्टीट्यूट की टीम का नेतृत्व संस्थान की प्राचार्य सुश्री प्रतिष्ठा शुक्ला ने किया। उनके साथ संस्थान के स्टाफ सदस्य सुश्री अनीता साहरे, श्री घनश्याम यादव, सुश्री यामिनी साहू, सुश्री रागिनी द्विवेदी और श्री संदीप साहू उपस्थित रहे। इस पहल में भाग लेने वाले विद्यार्थियों में झरना नागार्ची, तमन्ना महानंद, हर्षिता दीप और विकास निर्मलकर शामिल थे।
इस आयोजन ने ऐसे समावेशी वातावरण के निर्माण पर जोर दिया, जहां प्रत्येक व्यक्ति की प्रतिभा को पहचान मिले और उसे समाज में सार्थक योगदान देने का अवसर प्राप्त हो। साथ ही, विश्वविद्यालय समुदाय को सामाजिक उद्देश्य से जुड़कर और जिम्मेदारी के साथ खरीदारी करके दीपावली मनाने के लिए प्रेरित किया गया।
कलिंगा विश्वविद्यालय इस तरह की पहलों के माध्यम से सामाजिक जागरूकता, सामुदायिक सहभागिता और समग्र विकास के मूल्यों को प्रोत्साहित कर रहा है। इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि त्योहारों की वास्तविक खुशी दूसरों के जीवन में सम्मान, अवसर और खुशियां साझा करने में भी निहित है।
कार्यक्रम का संदेश रहा— “उद्देश्य के साथ खरीदारी करें, प्रतिभा का सम्मान करें और इस दिवाली को विशेष बनाएं।” विशेष विद्यार्थियों द्वारा तैयार हस्तनिर्मित वस्तुओं को प्रोत्साहन देकर विश्वविद्यालय समुदाय ने दीपावली को प्रतिभा, गरिमा, समावेशिता और साझा खुशियों का उत्सव बनाने की दिशा में पहल की।


