रायपुर, 27 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कैबिनेट मंत्री एवं सतनामी समाज के धर्मगुरु गुरु खुशवंत साहेब के आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। सिविल लाइन थाना पुलिस ने डिजिटल साक्ष्यों और तकनीकी जांच के आधार पर आरोपी की पहचान की। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
71 किलोमीटर की कांवड़ यात्रा से जुड़े पोस्ट पर की थी टिप्पणी
जानकारी के मुताबिक, मंत्री गुरु खुशवंत साहेब के आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट @gurukhuswant पर चंदखुरी से आरंग तक निकाली गई 71 किलोमीटर लंबी कांवड़ यात्रा से संबंधित पोस्ट साझा की गई थी। इसी पोस्ट के कमेंट सेक्शन में कथित तौर पर मंत्री और सतनामी समाज के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां की गई थीं।

बताया गया कि ये टिप्पणियां jai_praksh_official_ नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट से की गई थीं। सोशल मीडिया पर कथित तौर पर अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किए जाने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठी।

सामाजिक कार्यकर्ता ने थाने में दर्ज कराई शिकायत
मामले को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता ओम प्रकाश बघेल ने रायपुर के सिविल लाइन थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणियों से मंत्री गुरु खुशवंत साहेब की व्यक्तिगत प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है। साथ ही, इन टिप्पणियों से सतनामी समाज सहित अन्य लोगों की धार्मिक और सामाजिक भावनाएं आहत हुई हैं।
शिकायतकर्ता ने संबंधित इंस्टाग्राम अकाउंट संचालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की थी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।
17 अगस्त को दर्ज हुआ था अपराध
पुलिस ने शिकायत के आधार पर 17 अगस्त को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 296, 196 और 353(2) के तहत अपराध दर्ज किया था। इसके बाद मामले की विवेचना शुरू की गई।
जांच के दौरान पुलिस ने सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणियों से संबंधित डिजिटल साक्ष्यों और तकनीकी जानकारियों का विश्लेषण किया। उपनिरीक्षक धीरेंद्र बंजारे के नेतृत्व में की गई विवेचना के दौरान कथित आरोपी की पहचान की गई।
तकनीकी जांच के आधार पर हुई गिरफ्तारी
डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपी तक पहुंचने के बाद सिविल लाइन थाना पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
फिलहाल, उपलब्ध जानकारी में आरोपी का वास्तविक नाम और गिरफ्तारी की सटीक तारीख का उल्लेख नहीं किया गया है। मामले में आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायालय में पेश किए जाने वाले साक्ष्यों और सुनवाई के आधार पर होगा।


