रायपुर, 5 नवंबर। छत्तीसगढ़ में जनगणना-2027 के दूसरे चरण की तैयारियां तेज हो गई हैं। इसके तहत प्रदेश में 25 जनवरी से 28 फरवरी 2027 तक मैदानी स्तर पर जनगणना का कार्य किया जाएगा। इस दौरान प्रगणक घर-घर पहुंचकर परिवार के प्रत्येक सदस्य की गणना करेंगे। इस महत्वपूर्ण कार्य के लिए प्रदेशभर में करीब 66 हजार प्रगणक और पर्यवेक्षक तैनात किए जाएंगे।
जनगणना कार्य को व्यवस्थित और त्रुटिरहित तरीके से पूरा कराने के लिए प्रशिक्षण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके तहत नवा रायपुर अटल नगर स्थित प्रशासन अकादमी में मास्टर ट्रेनर्स के प्रथम बैच का चार दिवसीय प्रशिक्षण 2 से 5 नवंबर तक आयोजित किया गया, जो गुरुवार को संपन्न हुआ।

प्रशिक्षण के लिए जिलों से 47 और जनगणना कार्य निदेशालय से 13 सहित कुल 60 मास्टर ट्रेनर्स नामित किए गए हैं। वहीं, जिलों में फील्ड ट्रेनर्स के रूप में 1,120 अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। छत्तीसगढ़ के लिए नामित राष्ट्रीय प्रशिक्षक अशोक मिश्र और प्रदीप कुमार साव ने मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षण दिया।

प्रशिक्षण के दौरान जनगणना के दूसरे चरण की प्रक्रिया, प्रश्नावली भरने, गणना की तकनीकी बारीकियों, मोबाइल एप्लीकेशन के इस्तेमाल, आंकड़ों के संकलन और उनकी गुणवत्ता सुनिश्चित करने की जानकारी दी गई। व्यावहारिक प्रशिक्षण के जरिए मास्टर ट्रेनर्स को इस तरह तैयार किया गया है कि वे आगे जिला स्तर पर फील्ड ट्रेनर्स को प्रभावी प्रशिक्षण दे सकें।
16 से 19 नवंबर तक दूसरे बैच का प्रशिक्षण
मास्टर ट्रेनर्स के प्रशिक्षण का दूसरा बैच 16 से 19 नवंबर 2026 तक प्रशासन अकादमी, नवा रायपुर में आयोजित किया जाएगा। इसमें भी दोनों राष्ट्रीय प्रशिक्षक प्रशिक्षण देंगे। इसके बाद मास्टर ट्रेनर्स जिला स्तर पर फील्ड ट्रेनर्स को प्रशिक्षित करेंगे। फील्ड ट्रेनर्स आगे प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षण देंगे।
गौरतलब है कि जनगणना-2027 के पहले चरण में मकान सूचीकरण और मकानों की गणना का काम छत्तीसगढ़ में 1 से 30 मई 2026 तक पूरा किया जा चुका है। अब दूसरे चरण में प्रदेश के प्रत्येक व्यक्ति की गणना की जाएगी।
पूरी प्रशिक्षण व्यवस्था में तकनीकी दक्षता, आंकड़ों की शुद्धता, समयबद्धता और जवाबदेही पर विशेष जोर दिया जा रहा है, ताकि प्रदेश में जनगणना का कार्य व्यवस्थित और त्रुटिरहित ढंग से संपन्न कराया जा सके।


