12 Mar 2026, Thu
Breaking

राजनीति : UNICEF के आंकड़ों के बाद बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय का राज्य सरकार पर हमला, साय बोले : “प्रतिवर्ष 18000 बच्चो की मौत क्या कांग्रेस का यही छतीसगढ़ मॉडल है”

प्रमोद मिश्रा

रायपुर, 22 फरवरी 2022

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में प्रतिवर्ष 18 हज़ार नवजात बच्चों की मौत की यूनिसेफ़ द्वारा आँकड़ों के साथ की गई पुष्टि प्रदेश कांग्रेस की भूपेश-सरकार के लिए कलंकपूर्ण है। साय ने कहा कि यह बेहद शर्मनाक है कि जन्म के एक घंटे के बाद तक 68 फ़ीसदी नवजातों को माँ का दूध तक नसीब नहीं हो पाता है। नवजात शिशुओं की समुचित देखभाल नहीं हो पाने के कारण जन्म से 28 दिनों के भीतर 18 हज़ार बच्चों की मौत हर साल होती है। सााय ने सवााल किया कि क्याा प्रदेश की कांग्रेस सरकार और उसके प्रवक्ता-मंत्री नेशनल फेमिली हेल्थ सर्वे-2019-2021 के आधार पर जारी यूनिसेफ़ की इस रिपोर्ट को भी भाजपा का आँकड़ा बताकर इसे ठुकराने की राजनीतिक निर्लज्जता और धृष्टता का प्रदर्शन करेंगे?

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष साय ने कहा कि हाल ही में भाजपा ने आँकड़े प्रस्तुत कर छत्तीसगढ़ में 25 हज़ार आदिवासी बच्चों की मौत के मामले में प्रदेश सरकार से आवश्यक समाधानकारक प्रबंध करने और मृत बच्चों के परिजनों को समुचित मुआवज़ा देने की मांग की, लेकिन प्रदेश सरकार ने न तो इस मुद्दे पर अपना मुँह खोला और न ही इस आपदा के समाधान काा कोई रोडमैप प्रदेश को बताया; उल्टे प्रदेश सरकार के प्रवक्ता-मंत्री ने इसे पूरी तरह नकारते हुए इसे भाजपा का आँकड़ा बताकर अपनी ज़िम्मेदारी से मुँह चुराकर घोर संवेदनहीनता का प्रदर्शन किया। बाद में कांग्रेस में मुख्यमंत्री पद की दावेदारी ठोक रहे प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने इन आँकड़ों को स्वीकार कर प्रदेश सरकार के छल-प्रपंच और जन-स्वास्थ्य के साथ किए जा रहे फ़रेब को बेनक़ाब कर दिया।

पढ़ें   दिल्ली में शुरू हुआ ‘छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट’ सम्मेलन, CM विष्णुदेव साय निवेशकों से कर रहे हैं सीधा संवाद

साय ने कहा कि अब यूनिसेफ़ ने भी छत्तीसगढ़ में हर साल 18 हज़ार नवजात बच्चों की मौत की रिपोर्ट जारी की है। तो प्रदेश सरकार यह बताए कि क्या यही छत्तीसगढ़ मॉडल है, जिसके देश-दुनिया में प्रचार-प्रसार होने का ढोल पीटकर भूपेश-सरकार और कांग्रेस के लोग फूलकर कुप्पा हुए जा रहे हैं? क्या मुख्यमंत्री बघेल अपने शर्मनाक झूठ का एक नया रायता फैलाकर यही बताना चाह रहे हैं कि दुनिया अब उनके लफ़्फ़ाजी-भरे छत्तीसगढ़ मॉडल पर चल रही है? साय ने कहा कि मुख्यमंत्री बघेल अपने मुँह मियाँ मिठ्ठू बनने से बाज आएँ और यह बताएँ कि ये बच्चे क्यों मर रहे हैं और कैसे उनकी जान बचेगी? सुपोषण की जुमलेबाजी करने वाले संवेदनहीन सत्ताधीश छत्तीसगढ़ को कुपोषण का दंश सहने के लिए विवश किए बैठे हैं, 18 हज़ार नवजात बच्चों की हर साल हो रही मौत चीख-चीखकर इस बात की तस्दीक कर रही है। नवजात बच्चों की मौत की यह रिपोर्ट प्रदेश सरकार के लिए वह कलंक है, जो कभी नहीं धुलेगा। साय ने कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार अपनी झूठी वाहवाही कराने में मशगूल रहने के बजाय ईमानदारी के साथ छत्तीसगढ़ के नवजात बच्चों की जान बचाने के ठोस प्रयास और समुचित उपाय करे।

Share

 

 

 

 

 

You Missed