प्रमोद मिश्रा
रायपुर, 16 जनवरी 2024|छत्तीसगढ़ में जमीन रजिस्ट्री करने के लिए अब नया सिस्टम लागू हो होने जा रहा है। इससे न सिर्फ समय की बचत होगी बल्कि आधार और पैन लिंक होने के चलते फर्जीवाड़ा कर जमीनों की बार बार होने वाली रजिस्ट्री भी बंद हो जाएगी। अब तक आईटी सॉल्युशन कंपनी की ओर से डेवलप सॉफ्टवेयर के जरिए जमीनों का पंजीयन होता था, जो ज्यादा पेचीदा और समय लेने वाला था। लेकिन सरकार ने उसकी जगह केंद्र सरकार की ओर से डेवलप NGDRS सिस्टम लागू कर दिया है।
NGDRS सॉफ्टवेयर को डेवलप केंद्र सरकार ने किया है, लेकिन छत्तीसगढ़ की जरूरतों के अनुसार उसे मॉडिफाइड एनआईसी ने किया है। यह पूरी तरह से कस्टमर फ्रेंडली सॉफ्टवेयर है। रजिस्ट्री कराने से पहले सारी जानकारी घर से भर सकते हैं। इसके लिए पहले लॉगईन आईडी पासवर्ड बनाना होता है, फिर सिटीजन सेक्शन के जरिए जमीन की डिडेल्स भरना होता है। एरिया लोकेशन के हिसाब से उस पर लगने वाले सभी तरह के टैक्स की गणना कर सॉफ्टवेयर खुद बता देता है। ट्रेनिंग के लिए रजिस्ट्री ऑफिस में क्यूआर कोड लगाया गया है। स्कैन करने पर खुद से फॉर्म भरने की सारी प्रक्रिया वीडियो के जरिए बता दी जाती है। रजसिट्रेशन के दौरान बी वन खसरा का नंबर डालते ही पता चल जाएगा। जमीन का असल मालिक कौन है, किसी विवाद के चलते इसे ब्लॉक तो नहीं किया गया है।