प्रमोद कुमार
रायपुर, 11 मार्च 2026: औद्योगिक और तकनीकी क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी तेजी से बढ़ रही है। हालांकि अभी भी कई अहम जिम्मेदारियों में पुरुषों की संख्या अधिक है, लेकिन वेदांता एल्युमीनियम ने इस सोच को बदलने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।

ओडिशा के लांजीगढ़ में स्थित 5 एमटीपीए क्षमता वाली वेदांता एल्युमिना रिफाइनरी में कंपनी ने डिस्ट्रिब्यूटेड कंट्रोल सिस्टम (डीसीएस) का संचालन पूरी तरह महिलाओं की टीम को सौंप दिया है। डिजिटल कमांड सेंटर, जिसे रिफाइनरी का नर्व सेंटर माना जाता है, अब 40 प्रशिक्षित महिला पेशेवरों के नेतृत्व में काम कर रहा है।
यहीं से उत्पादन से जुड़े सैकड़ों डेटा स्ट्रीम्स की निगरानी की जाती है, सुरक्षा अलार्म का आकलन किया जाता है और संचालन से जुड़े अहम फैसले लिए जाते हैं।
कंपनी के सीईओ राजीव कुमार ने कहा, “हमारे लिए महिलाओं को उच्च कौशल वाले औद्योगिक कार्यों में आगे लाना सिर्फ एक पहल नहीं, बल्कि हमारी दिशा है। उत्कृष्टता हासिल करने में लिंग कोई बाधा नहीं होना चाहिए।”
टीम की सदस्य अंजनी कुमारी, डीसीएस ने बताया, “कमांड सेंटर में काम करते हुए यह भरोसा मिलता है कि महिलाएँ मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में भी बड़ी भूमिका निभा सकती हैं। यह अनुभव बेहद सशक्त और प्रेरक है।”
वेदांता एल्युमीनियम ने इससे पहले पूरी तरह महिलाओं द्वारा संचालित पॉटलाइन, महिला लोकोमोटिव इंजन क्रू और ‘अग्निवाहिनी’ नाम की ऑल-वुमन फायरफाइटिंग टीम भी शुरू कर चुकी है। वर्तमान में कंपनी के कुल कार्यबल में महिलाओं की हिस्सेदारी 21% है। कंपनी का लक्ष्य इसे आने वाले समय में 35% और फिर 50% तक बढ़ाना है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम न केवल औद्योगिक क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने में मदद करेगा, बल्कि यह युवा महिलाओं के लिए प्रेरणा का भी स्रोत बनेगा।





