प्रमोद मिश्रा
बिलासपुर, 21 फ़रवरी 2025

शराब घोटाला मामले में जेल में बंद प्रदेश के पूर्व मंत्री और कोंटा विधायक कवासी लखमा ने हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की है। उन्होंने यह याचिका एसीबी की संभावित गिरफ्तारी से बचने के लिए लगाई है, जिस पर आने वाले दिनों में सुनवाई होगी।
वहीं, लखमा ने विधानसभा सत्र में शामिल होने की अनुमति के लिए आवेदन किया था, जिस पर स्पेशल कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने उनकी अनुपस्थिति को सत्र के संचालन में विशेष प्रभाव न डालने वाला मानते हुए आवेदन खारिज कर दिया।
गिरफ्तारी और रिमांड की स्थिति
शराब घोटाले में ईडी ने कवासी लखमा को 15 जनवरी को गिरफ्तार किया था। इसके बाद ईडी ने 7 दिन की कस्टोडियल रिमांड में लेकर उनसे पूछताछ की। फिर 21 जनवरी से 4 फरवरी तक 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर भेजा गया। पिछली सुनवाई में जेल में पर्याप्त बल न होने के कारण उनकी पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई थी। सुनवाई के बाद कोर्ट ने उनकी रिमांड 18 फरवरी तक बढ़ा दी थी, जिसे बाद में 4 मार्च तक के लिए बढ़ाया गया।
100 लोगों के खिलाफ FIR
छत्तीसगढ़ में शराब और कोयला घोटाले के मामले में ईडी ने दो पूर्व मंत्रियों, विधायकों सहित 100 लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कराई थी। इनमें पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा, पूर्व खाद्य मंत्री अमरजीत भगत, पूर्व विधायक यूडी मिंज, गुलाब कमरो और शिशुपाल शामिल हैं। इसके अलावा, दो निलंबित आईएएस, एक सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी, कांग्रेस कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल सहित अन्य नेताओं के नाम भी एफआईआर में दर्ज हैं।
कोयला घोटाले में 30 से अधिक और शराब घोटाले में 70 लोगों के नाम शामिल हैं। यह एफआईआर एसीबी में 17 जनवरी 2024 को दर्ज कराई गई थी। कवासी लखमा को आशंका है कि एसीबी भी उन्हें गिरफ्तार कर सकती है, इसी कारण उन्होंने हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की है।





