प्रमोद मिश्रा
रायपुर, 20 मार्च 2025
न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, रायपुर (छ.ग.) भारती कुलदीप के आदेशानुसार आईसीआईसीआई बैंक लिमिटेड गोल्ड लोन विभाग के सक्षम प्राधिकारी के खिलाफ आपराधिक न्यास भंग (धारा 409 भादवि) का मामला दर्ज किया गया है। यह मामला रायपुर के देवेंद्र निवासी अंकित अग्रवाल की शिकायत पर सिविल लाइन थाना में दर्ज हुआ है, जिसमें बैंक पर उनके सोने के गहनों की अवैध नीलामी का आरोप लगाया गया है।
क्या है मामला?
शिकायतकर्ता अंकित अग्रवाल के मुताबिक, उन्होंने आईसीआईसीआई बैंक से लगभग 14 लाख रुपये का गोल्ड लोन लिया था। इसके लिए उन्होंने अपनी माता, पत्नी और भाभी के सोने के गहने गिरवी रखे थे। कोविड-19 महामारी के दौरान आर्थिक संकट के चलते कुछ समय तक किश्तों का भुगतान नहीं हो सका, लेकिन बाद में उन्होंने समय-समय पर ब्याज और मूलधन का भुगतान किया।
हालांकि, बैंक ने बिना किसी पूर्व सूचना के उनके गहनों की नीलामी कर दी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि बैंक ने भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के दिशानिर्देशों का पालन नहीं किया और तय अवधि से पहले ही गहनों की नीलामी कर दी।
फर्जी हस्ताक्षर का भी आरोप
शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि बैंक द्वारा किए गए अनुबंध पर उनके हस्ताक्षर मौजूद ही नहीं थे। बल्कि, बैंक के किसी अधिकारी ने फर्जी हस्ताक्षर कर दिए थे।
न्यायालय का आदेश
शिकायतकर्ता की याचिका पर सुनवाई के बाद न्यायालय ने थाना सिविल लाइन, रायपुर को निर्देश दिया कि वह इस मामले में विधिवत अपराध पंजीबद्ध कर जांच करे और अंतिम प्रतिवेदन न्यायालय में प्रस्तुत करे।
किन धाराओं में मामला दर्ज?
न्यायालय के आदेश के बाद थाना सिविल लाइन, रायपुर ने आईसीआईसीआई बैंक लिमिटेड के गोल्ड लोन विभाग और अन्य संबंधित अधिकारियों के खिलाफ धारा 409, 417, 418, 420, 465 और 192 भादवि के तहत मामला दर्ज किया है।
अब देखना होगा कि जांच में क्या सामने आता है और बैंक अधिकारियों पर क्या कार्रवाई की जाती है।