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माओवादियों से लोहा लेने वाले जांबाज जवानों से रूबरू हुए उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, बोले- “आपकी भुजाओं की ताकत के कारण ही आज मैं सड़क मार्ग से बीजापुर आ पाया”

प्रमोद मिश्रा

रायपुर, 22 मार्च 2025

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा आज बीजापुर पहुँचकर गंगालूर क्षेत्रान्तर्गत अंडरी के जंगलों में पुलिस और माओवादियों के साथ हुए मुठभेड़ में शामिल सुरक्षा बलों के जांबाज जवानों से बीजापुर जिले के रक्षित केंद्र में मुलाकात की और उनके साहसिक और सफल ऑपरेशन की सराहना कर उनका हौसला बढ़ाया।

 

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि सुरक्षा बलों के जवानों की भुजाओं की ताकत के बदौलत आज मैं सड़क मार्ग से बीजापुर आया हूँ। इसके पूर्व कोई भी गृहमंत्री सड़क मार्ग से बीजापुर नहीं आए। गौरतलब है कि 20 मार्च को हुए इस मुठभेड़ में 14 महिला माओवादी सहित कुल 26 वर्दीधारी माओवादियों के शव बरामद किए गए। शिनाख्त किए गए माओवादियों में डिवीसीएम, एसीएम, पीपीसीएम और पीएलजीए सदस्य शामिल थे। इस मुठभेड़ स्थल से भारी मात्रा में एके-47, एसएलआर, इंसास राइफल, .303 राइफल, रॉकेट लॉन्चर, बीजीएल लॉन्चर समेत अन्य हथियार, विस्फोटक पदार्थ, दवाइयां, माओवादी वर्दी, साहित्य एवं अन्य दैनिक उपयोग की सामग्री बरामद हुई।

बस्तर रेंज में तैनात डीआरजी, एसटीएफ, बस्तर फाइटर, कोबरा, सीआरपीएफ, बीएसएफ, आईटीबीपी, सीएएफ और अन्य सुरक्षा बलों के जवान दृढ़ संकल्प और स्पष्ट लक्ष्य के साथ बस्तर क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और विकास के लिए समर्पित होकर कार्य कर रहे हैं। वर्ष 2025 में बस्तर संभाग में सुरक्षा बलों द्वारा प्रभावी माओवादी विरोधी अभियान चलाए जा रहे हैं, जिसके परिणामस्वरूप पिछले 80 दिनों में कुल 97 हार्डकोर माओवादियों के शव बरामद किए गए हैं। इनमें बीजापुर जिले में अकेले 82 माओवादियों का सफाया हुआ है

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने इस अवसर पर सभी जवानों को बधाई देते हुए कहा, “मैं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की ओर से सभी जवानों के लिए शुभकामना संदेश लेकर आया हूँ। आपके अद्भुत पराक्रम और शौर्य से बस्तर में सुख-शांति फिर से लौटेगी। इस अभियान ने देश और दुनिया की सोच बदली है।”

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उन्होंने भीषण मुठभेड़ में शहीद हुए जवान को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि “बस्तर शांति का टापू रहा है, लेकिन कुछ दिग्भ्रमित लोगों के कारण यहां की शांति भंग हुई। हमारे सुरक्षा बल और पुलिस के जवान ऐसे लोगों को नेस्तनाबूद करके ही रहेंगे। यह छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा ऑपरेशन रहा है।”

उन्होंने आगे कहा कि “छत्तीसगढ़ सरकार की पुनर्वास नीति के सकारात्मक परिणाम मिले हैं।”

इस अवसर पर बस्तर आईजी सुंदरराज पी, डीआईजी कमलोचन कश्यप, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक सहित अन्य पुलिस बल के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

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