प्रमोद मिश्रा के साथ डेस्क मीडिया 24
अंबागढ़ चौकी, 29 मार्च 2025
छत्तीसगढ़ के सुदूर वनांचल क्षेत्र अंबागढ़ चौकी में आज से फास्ट ट्रैक कोर्ट की शुरुआत हो गई। माननीय मुख्य न्यायाधिपति रमेश सिन्हा ने वर्चुअल माध्यम से इसका शुभारंभ किया। इस अवसर पर राजनांदगांव के पोर्टफोलियो न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजय एस. अग्रवाल भी वर्चुअल रूप से उपस्थित रहे।
मुख्य न्यायाधिपति ने कहा कि अंबागढ़ चौकी प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध क्षेत्र है, लेकिन यहां के निवासियों को न्याय प्राप्त करने के लिए 100 से 150 किलोमीटर दूर जिला मुख्यालय राजनांदगांव तक जाना पड़ता था। अब इस फास्ट ट्रैक कोर्ट के खुलने से दूरस्थ वनांचल के नागरिकों और अधिवक्ताओं को न्याय की सुलभता मिलेगी।
उन्होंने कहा कि न्यायालय का यह विस्तार समय की आवश्यकता थी, जिससे ग्रामीण और वन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को त्वरित न्याय मिल सकेगा। इस अवसर पर उन्होंने न्यायाधीशों और कर्मचारियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे त्वरित और सुलभ न्याय प्रदान करने में सहायक सिद्ध होंगे।
न्यायिक अधोसंरचना में बड़ा सुधार
मुख्य न्यायाधिपति ने बताया कि पिछले दो वर्षों में राज्य में न्यायिक अधोसंरचना के विकास पर विशेष ध्यान दिया गया। वर्ष 2023-24 में 94 निर्माण कार्यों पर 1.57 करोड़ रुपये खर्च किए गए, जबकि 2024-25 में 162 निर्माण कार्यों के लिए 145.62 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए। वर्तमान में विभिन्न न्यायालयों में 66 नए कक्ष निर्माणाधीन हैं।
उन्होंने कहा कि इन प्रयासों के फलस्वरूप मामलों के निराकरण में तेजी आई है और 1 अप्रैल 2023 से 28 फरवरी 2025 तक 7,13,791 प्रकरणों का समाधान किया गया।
स्थानीय प्रशासन और अधिवक्ताओं की उपस्थिति
शुभारंभ समारोह में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल, राज्य न्यायिक अकादमी के अधिकारी, राजनांदगांव और अंबागढ़ चौकी के अधिवक्ता संघ के सदस्य, स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और नागरिक उपस्थित रहे।
फास्ट ट्रैक कोर्ट की स्थापना से अंबागढ़ चौकी और आसपास के क्षेत्रों में न्याय की पहुंच आसान होगी और लोगों को शीघ्र न्याय मिलने में सहायता मिलेगी।