प्रमोद मिश्रा
सुकमा, 2 जून 2025

छत्तीसगढ़ सरकार की नक्सल आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत सुकमा जिले में बड़ी सफलता मिली है। सोमवार को पीएलजीए बटालियन के दो हार्डकोर नक्सलियों समेत कुल 16 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। आत्मसमर्पण करने वालों में एक महिला और एक पुरुष नक्सली पर 8-8 लाख रुपये का इनाम घोषित था, जबकि छह अन्य नक्सलियों पर कुल 25 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
जानकारी के अनुसार, आत्मसमर्पित सभी नक्सली सुकमा जिले में नक्सली वारदातों में सक्रिय भूमिका निभा चुके हैं। इन नक्सलियों ने एसपी किरण चव्हाण, एएसपी उमेश गुप्ता और सीआरपीएफ तथा जिला पुलिस अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण किया। सभी आत्मसमर्पित नक्सलियों को राज्य सरकार की योजना के तहत 50-50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की गई।
आत्मसमर्पण करने वालों में शामिल:
- 1 महिला नक्सली (उम्र 22 वर्ष), जो पिछले 5 वर्षों से संगठन में सक्रिय थी।
- 15 पुरुष नक्सली (उम्र 20 से 30 वर्ष के बीच), जो 3 से 10 वर्षों तक संगठन से जुड़े रहे।
वरिष्ठ अधिकारियों ने दी जानकारी:
अधिकारियों के अनुसार यह आत्मसमर्पण छत्तीसगढ़ सरकार की प्रभावशाली पुनर्वास नीति का परिणाम है। आत्मसमर्पण करने वालों को योजना के तहत विभिन्न लाभ प्रदान किए जाएंगे, जिससे नक्सल गतिविधियों में कमी आएगी और क्षेत्र में शांति स्थापित होगी।
आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के अंतर्गत:
- आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को 10 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता।
- रोजगार और शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराए जाते हैं।
- आत्मसमर्पित नक्सलियों को सुरक्षा और सामाजिक सम्मान प्रदान किया जाता है।
सुकमा में इस सामूहिक आत्मसमर्पण को सुरक्षाबलों और प्रशासन के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है, जो नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्थायी शांति स्थापना की दिशा में एक बड़ा कदम है।





