मीडिया 24 डेस्क
रायगढ़, 14 जून 2025।

केलो नदी किनारे मरीन ड्राइव निर्माण को लेकर रायगढ़ के कयाघाट क्षेत्र में हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। शनिवार सुबह नगर निगम और प्रशासन की टीम ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में तोड़फोड़ की कार्रवाई शुरू कर दी। पहले चरण में 20 घरों को तोड़ने की योजना के तहत सुबह साढ़े आठ बजे 15 मकानों पर बुलडोजर चला दिए गए।
कार्रवाई के दौरान विरोध में महिलाएं सामने आ गईं और उन्होंने पुलिस का रास्ता रोक लिया। इस दौरान महिलाओं और महिला पुलिस बल के बीच तीखी झड़प भी हुई। पुलिस ने महिलाओं को पीछे धकेलते हुए तोड़फोड़ जारी रखी।
प्रभावित लोगों और स्थानीय कांग्रेस नेताओं ने इस कार्रवाई के खिलाफ जमकर विरोध जताया। वे मंत्री ओपी चौधरी के सरकारी बंगले के बाहर पहुंचे और जमकर नारेबाजी की। मौके पर रायगढ़ एसपी और अन्य प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की। उन्होंने आश्वासन दिया कि सभी प्रभावित परिवारों को “घर के बदले घर” और “जमीन के बदले जमीन” दी जाएगी। इसके बाद लोग शांत हुए और मौके से हटे।
गौरतलब है कि नगर निगम ने मरीन ड्राइव परियोजना के लिए कयाघाट क्षेत्र के 295 परिवारों को नोटिस जारी किए थे। शुक्रवार की रात सैकड़ों लोग इसका विरोध करते हुए कलेक्टर बंगले का घेराव करने पहुंच गए थे। हंगामे और विरोध के बावजूद प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया था कि मरीन ड्राइव निर्माण योजना पर कोई रोक नहीं लगेगी।
अब अगले चरण में 100 घरों को तोड़े जाने की तैयारी है, जिससे क्षेत्र में असंतोष और तनाव और बढ़ सकता है। प्रशासन का कहना है कि मरीन ड्राइव परियोजना रायगढ़ शहर के सौंदर्यीकरण और विकास के लिए अहम है, लेकिन प्रभावित परिवारों का सवाल है—विकास के नाम पर उनका उजड़ना कहां तक न्यायसंगत है?
स्थिति फिलहाल नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन विरोध के सुर अब भी शांत नहीं हुए हैं।





