बिलासपुर, 25 जून 2025
छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर में आज दोपहर 3:30 बजे न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) एस.आर. नायक के निधन पर एक गरिमामयी शोकसभा का आयोजन किया गया। न्यायमूर्ति नायक छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश थे। सभा का आयोजन माननीय मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा की अध्यक्षता में न्यायालय कक्ष में किया गया।

इस अवसर पर माननीय मुख्य न्यायाधीश सहित उच्च न्यायालय के सभी न्यायाधीशगण, महाधिवक्ता प्रफुल्ल एन. भारत, अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष उमाकांत चंदेल, डिप्टी सॉलिसिटर जनरल रमाकांत मिश्रा, वरिष्ठ अधिवक्तागण, न्यायिक अधिकारी, रजिस्ट्री स्टाफ, विधिक सेवा प्राधिकरण और न्यायिक अकादमी के सदस्य उपस्थित रहे।
मुख्य न्यायाधीश श्री रमेश सिन्हा ने न्यायमूर्ति नायक के व्यक्तित्व और न्यायिक योगदान को याद करते हुए कहा कि “उनका जीवन न्याय, नैतिकता और सेवा का प्रतीक था। उनके निधन से न्यायिक परिवार ने एक प्रखर मस्तिष्क और प्रेरक व्यक्तित्व को खो दिया है।”
उल्लेखनीय है कि स्व. न्यायमूर्ति एस.आर. नायक ने 17 नवम्बर 2005 को छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश का कार्यभार ग्रहण किया था और 31 दिसम्बर 2006 तक इस पद पर आसीन रहे। उनकी न्यायिक सेवा के दौरान कई ऐतिहासिक और मार्गदर्शक निर्णय दिए गए।
शोकसभा में वक्ताओं ने न्यायमूर्ति नायक के कार्यकाल को न्याय प्रणाली की गरिमा और जवाबदेही से जोड़ते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। अंत में दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई।
शोकसभा के उपरांत उच्च न्यायालय की समस्त न्यायिक कार्यवाही स्थगित कर दी गई और फुल कोर्ट रेफरेंस के माध्यम से दिवंगत न्यायमूर्ति के परिजनों को संवेदनाएं प्रेषित की गईं।





