प्रमोद मिश्रा
रायपुर/राजनांदगांव/रायगढ़, 08 जुलाई 2025 – छत्तीसगढ़ के स्कूलों में बच्चों पर शारीरिक हिंसा के दो सनसनीखेज मामले सामने आए हैं। पहला मामला राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ के खालसा पब्लिक स्कूल का है, जहां कक्षा 7वीं के छात्र सार्थक सहारे (13) को किताब समय पर न निकाल पाने पर शिक्षिका प्रियंका सिंह ने चार थप्पड़ जड़ दिए। इससे छात्र के दोनों कानों में गंभीर चोट आई है और वह सुनने में असमर्थ हो गया है।

छात्र की मां संतोषी सहारे ने बताया कि स्कूल से लौटते ही सार्थक ने कहा कि उसे अब सुनाई नहीं दे रहा। घबराए परिजन तुरंत उसे डोंगरगढ़ अस्पताल लेकर गए, जहां से उसे राजनांदगांव जिला अस्पताल और फिर रायपुर के एक निजी अस्पताल रेफर किया गया। जांच में सामने आया कि उसके दाएं कान की सुनने की क्षमता 70% और बाएं कान की 80% तक खराब हो चुकी है।
इलाज जारी, हर 4 दिन में रायपुर ले जाना पड़ रहा
परिवार के अनुसार अब हर चार दिन में सार्थक को डोंगरगढ़ से रायपुर इलाज के लिए ले जाना पड़ रहा है। परिजनों ने स्कूल प्रबंधन से जवाब मांगा, लेकिन उन्हें सिर्फ एक सो-कॉज नोटिस जारी कर टाल दिया गया। बच्चे के इलाज का खर्च भी स्कूल ने उठाने से इनकार कर दिया।
टीचर पर पहले भी आरोप, लेकिन बच्चे डर के मारे चुप
कक्षा की छात्रा श्वेता गजभिए ने बताया कि शिक्षिका प्रियंका सिंह पहले भी छात्रों के साथ मारपीट कर चुकी हैं। वह बच्चों से चीखकर बात करती हैं और मारने में भी पीछे नहीं हटतीं। बच्चों को डर के कारण कुछ कहने की हिम्मत नहीं होती।
बीईओ ने गठित की जांच समिति, 48 घंटे में रिपोर्ट
बीईओ वीरेंद्र कौर गरछा ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच कमेटी गठित कर दी गई है, जो 48 घंटे में रिपोर्ट सौंपेगी। रिपोर्ट के आधार पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
रायगढ़ में भी टीचर की पिटाई का मामला, 3 साल के बच्चे की पीठ पर पड़े निशान
इसी दिन रायगढ़ के आनंदा मार्ग प्राइमरी इंग्लिश मीडियम स्कूल में एक टीचर द्वारा 3 वर्षीय नर्सरी छात्र की पिटाई का मामला भी सामने आया है। बच्चे की पीठ पर पिटाई के गंभीर निशान देखे गए हैं। चक्रधरनगर पुलिस ने आरोपी टीचर को हिरासत में ले लिया है।
मां की मांग – हमारे बच्चे को न्याय चाहिए
सार्थक की मां संतोषी सहारे ने मांग की है कि टीचर को सस्पेंड किया जाए और स्कूल उनके बच्चे के इलाज का पूरा खर्च वहन करे। “यह कोई मामूली सजा नहीं थी, बल्कि हमारे बच्चे की जिंदगी पर हमला है,” उन्होंने कहा।
स्कूल प्रबंधन की प्रतिक्रिया
खालसा पब्लिक स्कूल के अध्यक्ष अदनान सिंह अरोरा ने कहा कि स्कूल में शिक्षकों को बच्चों पर हाथ न उठाने की सख्त हिदायत दी जाती है। अगर शिक्षिका दोषी पाई जाती हैं, तो निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना छत्तीसगढ़ के स्कूलों में छात्र सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। राज्य प्रशासन से उम्मीद की जा रही है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई कर भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जाएगी।





