प्रमोद मिश्रा
रायपुर, 23 जुलाई 2025

कलिंगा विश्वविद्यालय और केंद्रीय भूजल बोर्ड, जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार (उत्तर मध्य छत्तीसगढ़ क्षेत्र, रायपुर) के बीच आज एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। यह साझेदारी “भूजल संसाधनों के सतत विकास और प्रबंधन” के क्षेत्र में संयुक्त प्रयासों के लिए की गई है।
समारोह का आयोजन कलिंगा विश्वविद्यालय परिसर में किया गया, जहां केंद्रीय भूजल बोर्ड के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. प्रबीर कुमार नायक और विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. संदीप गांधी ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर कुलपति डॉ. आर. श्रीधर, केंद्रीय भूजल बोर्ड के वैज्ञानिक डॉ. देवशरण वर्मा, विश्वविद्यालय के डीन, विभागाध्यक्ष एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
कार्यक्रम में श्रीमती मोनिका सिंह, वैज्ञानिक सी, केंद्रीय भूजल बोर्ड, डॉ. मनोज सिंह, अध्यक्ष, जीव विज्ञान विभाग तथा सह-प्राध्यापक डॉ. अजय हरित भी उपस्थित रहे।
इस समझौते के तहत जल संरक्षण, भूजल प्रबंधन और जनजागरूकता के लिए संयुक्त कार्यशालाएं, सेमिनार और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। साथ ही, विश्वविद्यालय के छात्रों के लिए केंद्रीय भूजल बोर्ड में इंटर्नशिप की व्यवस्था भी की जाएगी, जिससे उन्हें व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हो सके।
कलिंगा विश्वविद्यालय को नवाचार और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए जाना जाता है। यह एनएएसी से B+ ग्रेड प्राप्त और एनआईआरएफ रैंकिंग 2022, 2023 और 2024 में शीर्ष 101-150 विश्वविद्यालयों के बैंड में शामिल छत्तीसगढ़ का एकमात्र निजी विश्वविद्यालय है।
इस सहयोग से भूजल संसाधनों के संरक्षण और सतत प्रबंधन में महत्वपूर्ण योगदान की उम्मीद की जा रही है।





