दुर्ग | 01 अगस्त 2025
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से एक शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां मदर टेरेसा इंग्लिश मीडियम मिशनरी स्कूल में नर्सरी में पढ़ने वाली एक साढ़े तीन साल की मासूम बच्ची को सिर्फ इसलिए प्रताड़ित किया गया क्योंकि उसने हिंदू परंपरा के अनुसार ‘राधे-राधे’ कहा था। बच्ची के मुंह पर टेप चिपकाया गया, उसे पीटा गया और तकरीबन 15 मिनट तक चुप कराया गया।

बच्ची के पिता प्रवीण यादव ने नंदिनी नगर थाने में इस मामले की शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के मुताबिक, घटना बुधवार सुबह करीब 7:30 बजे की है, जब बच्ची रोज़ की तरह स्कूल गई थी। स्कूल से लौटने के बाद बच्ची काफी डरी हुई थी और बिना कुछ बोले सो गई। जब पिता ने उससे प्यार से पूछताछ की, तब बच्ची ने रोते हुए बताया – “जब मैं राधे-राधे बोली, तो स्कूल मिस ने मेरे मुंह पर टेप लगा दिया। एक टेप ऐसा लगाया, दूसरा वैसा, काफी देर तक ऐसे ही रखा। जब मैं बोल नहीं पाई तो मुझे मारा।”
परिजनों का आरोप है कि स्कूल की प्रिंसिपल इला इवन कौलवीन ने बच्ची को धार्मिक अभिवादन करने पर सजा दी। बच्ची के शरीर पर चोट के निशान भी पाए गए हैं। परिजनों ने बच्ची को मेडिकल परीक्षण के लिए अस्पताल भेजा।
घटना की जानकारी मिलते ही गांव की सरपंच दामिनी साहू और बजरंग दल के कार्यकर्ता थाने पहुंचे। सरपंच ने भी पुष्टि की कि बच्ची डरी-सहमी थी और उसने स्वयं टेप लगाने की बात कही। बजरंग दल ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी प्रिंसिपल को गिरफ्तार कर लिया है। एएसपी पद्मश्री तंवर ने बताया कि भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
यह मामला ना केवल एक मासूम के साथ क्रूरता का है, बल्कि यह सवाल भी उठाता है कि क्या किसी स्कूल को धार्मिक अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर प्रतिबंध लगाने का अधिकार है?
छत्तीसगढ़ बाल अधिकार आयोग और शिक्षा विभाग से भी इस मामले में संज्ञान लेकर कार्रवाई की मांग की जा रही है।





