सुकमा, 09 सितंबर 2025
छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में सोमवार रात एक और सीआरपीएफ जवान ने आत्महत्या कर ली। जवान की पहचान निलेश कुमार गर्ग (मध्य प्रदेश निवासी) के रूप में हुई है, जो इंजरम स्थित 219 बटालियन में पदस्थ था। देर रात करीब 10:30 बजे उसने अपनी सर्विस राइफल से खुद को गोली मार ली। मौके से 6 पन्नों का सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, लेकिन उसमें क्या लिखा है यह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाया है। अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं।
सुकमा में ही 16 दिन पहले बिहार के रहने वाले एक अन्य जवान ने भी खुदकुशी कर ली थी। वह हाल ही में छुट्टी से लौटकर कैंप आया था और ड्यूटी के दौरान अपनी राइफल से गोली मार ली। आत्मघाती कदम की वजह उस समय भी सामने नहीं आ पाई थी।

30 जुलाई को बीजापुर जिले के नैमेड़ थाना क्षेत्र में तैनात जवान पप्पू यादव (22वीं बटालियन, मिनगाचल, निवासी भोजपुर बिहार) ने भी आत्महत्या कर ली थी। उसने बैरक में सुबह 5 बजे अपनी राइफल से गोली मार ली थी। जवान एक दिन पहले ही छुट्टी से लौटा था।
बस्तर के नक्सल प्रभावित इलाकों में तैनात जवानों की आत्महत्या के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं—
- छुट्टी ना मिलना सबसे बड़ी वजह मानी जा रही है।
- कई जवान छुट्टी से लौटने के बाद पारिवारिक तनाव के चलते भी आत्मघाती कदम उठा लेते हैं।
- जवानों और अधिकारियों के बीच कम्युनिकेशन गैप होने से समस्याएं सामने नहीं आ पातीं।
- कई बार जवानों के बीच आपसी विवाद या मजाक भी गंभीर नतीजों तक पहुंचा देता है।
लगातार हो रही इन घटनाओं ने फोर्स की कार्यप्रणाली और जवानों की मानसिक स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।





