रायपुर, 10 सितम्बर 2025 छत्तीसगढ़ आर्म्स फोर्स (CAF) की 2018 भर्ती प्रक्रिया में चयनित वेटिंग लिस्ट के 417 अभ्यर्थियों की नियुक्ति अब तक नहीं हो पाई है। 8 साल से नौकरी का इंतजार करते-करते ये युवा ओवरएज हो रहे हैं। अब अभ्यर्थियों ने 1 सितंबर को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर चेतावनी दी है कि अगर नियुक्ति नहीं मिली, तो वे भी नक्सली बनने पर मजबूर हो जाएंगे।
अभ्यर्थियों ने कहा कि सरकार की सरेंडर पॉलिसी के तहत नक्सलियों को जमीन, आवास, सरकारी नौकरी और करोड़ों का फंड दिया जाता है। लेकिन क्वालिफाई और योग्य अभ्यर्थियों को आज तक नौकरी नहीं मिली।
“हम नक्सलियों से भी गए-गुजरे हो गए हैं। ईमानदारी से नौकरी मांगी तो कोई सुनवाई नहीं हो रही, मजबूर होकर हमें भी उनके रास्ते पर चलना पड़ सकता है,” युवाओं ने कहा।

अभ्यर्थियों ने बताया कि उन्होंने कलेक्टर के माध्यम से गृह मंत्री को पत्र भेजा था। वहां से रिसिविंग के साथ सकारात्मक जवाब भी मिला। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने माना कि भर्ती प्रक्रिया इतनी लंबी नहीं होनी चाहिए थी। मंत्रालय ने प्रदेश के एक अधिकारी को निर्देश दिया है कि मामले का जल्द निराकरण कर रिपोर्ट दिल्ली भेजी जाए।
- 2018 में 1786 पदों पर CAF भर्ती निकली थी।
- मेरिट और वेटिंग लिस्ट एक साथ जारी हुई।
- मेरिट लिस्ट वालों की नियुक्ति हो गई, लेकिन वेटिंग लिस्ट रोकी गई।
- कई चयनित मेडिकल में फेल हुए या दूसरी नौकरी मिलने पर पद छोड़ गए, फिर भी खाली पदों पर वेटिंग लिस्ट वालों को मौका नहीं मिला।
- फिलहाल CAF में 3326 पद खाली हैं।
इस भर्ती से जुड़े 417 अभ्यर्थी अभी भी वेटिंग लिस्ट में हैं। इनमें से ज्यादातर अब ओवरएज हो चुके हैं। खासतौर पर दुर्ग संभाग के अभ्यर्थियों की संख्या सबसे अधिक है।
युवाओं ने कहा कि वे पिछले 7 साल से मंत्रालय और पुलिस मुख्यालय के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला।
👉 अभ्यर्थियों का आरोप है कि वे राजनीति का शिकार हो गए हैं। क्वालिफाई होकर भी बेरोजगार घूम रहे हैं, जबकि नक्सलियों को नौकरी और जमीन दी जाती है, लेकिन उन्हें उनका हक नहीं मिल रहा।





