नेवसा, 11 सितंबर 2025
छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में पिछले 15 वर्षों से कार्यरत 43,301 स्कूल सफाईकर्मी एक बार फिर आंदोलन की राह पर हैं। 1 सितंबर 2025 को स्कूल शिक्षा विभाग और संचालनालय में हुई बैठक में सहमति बनने के बावजूद अब तक लिखित आदेश जारी नहीं होने से कर्मचारियों में गहरा आक्रोश है। संघ ने साफ चेतावनी दी है कि यदि 20 सितंबर तक आदेश जारी नहीं हुए तो वे मंत्रालय और संचालनालय का घेराव करेंगे।

सफाई कर्मचारी संघ का कहना है कि वे वर्षों से पूर्णकालिक कलेक्टर दर पर वेतन, युक्तियुक्तकरण के तहत स्थायीत्व और नियुक्ति पत्र जारी करने की मांग कर रहे हैं। फिलहाल उन्हें प्रतिमाह मात्र ₹3000–₹3500 मानदेय मिल रहा है, जिससे महंगाई में जीवन-यापन करना कठिन हो गया है।
बैठक में तीन अहम बिंदुओं पर सहमति बनी थी—
- सफाईकर्मियों को पूर्णकालिक कलेक्टर दर पर वेतन दिया जाएगा।
- 10,463 कर्मचारियों को युक्तियुक्तकरण के तहत यथावत रखा जाएगा।
- नियुक्ति पत्र और हड़ताल अवधि का मानदेय प्रदान किया जाएगा।
लेकिन 10 दिन बीतने के बाद भी कोई लिखित आदेश नहीं आया है, जिससे कर्मचारियों में असंतोष बढ़ता जा रहा है।
संघ ने 15 जून से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की थी। 16 जुलाई को मुख्यमंत्री निवास घेराव के बाद शिक्षा सचिव ने सकारात्मक पहल का भरोसा दिया, जिस पर आंदोलन स्थगित कर दिया गया। इसके बाद 31 अगस्त को भाजपा कार्यालय की ओर मार्च कर रहे कर्मचारियों को माना बस्ती नहर के पास रोकना पड़ा। देर रात आश्वासन के बाद कर्मचारी धरना स्थल लौटे थे।
संघ के मीडिया प्रभारी प्रदीप वर्मा ने कहा कि पिछले 15 वर्षों से संगठन को सिर्फ आश्वासन मिल रहा है, ठोस कार्रवाई नहीं हुई। जब तक सरकार द्वारा लिखित आदेश जारी नहीं होंगे, हड़ताल समाप्त नहीं की जाएगी।
- पूर्णकालिक कलेक्टर दर पर वेतन।
- युक्तियुक्तकरण के तहत सभी कर्मचारियों को यथावत रखा जाए।
- शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों से नियुक्ति पत्र मिले।





