प्रमोद मिश्रा
रायपुर, 18 सितंबर 2025

छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित नान घोटाला मामले में मुख्य आरोपी और रिटायर्ड IAS अधिकारी डॉ. आलोक शुक्ला को लेकर आज बड़ा घटनाक्रम हुआ। डॉ. शुक्ला शुक्रवार को रायपुर स्थित ED स्पेशल कोर्ट में सरेंडर करने पहुंचे, लेकिन अदालत ने उन्हें फिलहाल सरेंडर करने से रोक दिया। कोर्ट ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का आदेश अभी तक अपलोड नहीं हुआ है, इसलिए प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकती।
इससे पहले सुबह ED की टीम ने भिलाई में डॉ. शुक्ला के आवास पर दबिश दी थी। सूत्रों का कहना है कि छानबीन के बाद एजेंसी उन्हें गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर सकती है। गिरफ्तारी से बचने के लिए ही डॉ. शुक्ला ने कोर्ट का रुख किया था। उनके वकील फैजल रिजवी ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट का आदेश अपलोड होने के बाद ही सरेंडर किया जाएगा।
गौरतलब है कि नान घोटाले में डॉ. शुक्ला और अनिल टुटेजा को हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत मिल चुकी थी, लेकिन दो दिन पहले सुप्रीम कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया। जस्टिस सुंदरेश और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की बेंच ने आदेश दिया कि दोनों अधिकारियों को पहले दो हफ्ते ईडी की कस्टडी में रहना होगा और उसके बाद दो हफ्ते न्यायिक हिरासत में। इसके बाद ही उन्हें नियमित जमानत मिल सकेगी। अदालत ने यह भी माना कि आरोपियों ने 2015 में दर्ज मामले और ईडी की जांच को प्रभावित करने की कोशिश की थी।
👉 नान घोटाला मामला एक बार फिर सुर्खियों में है और अब देखना होगा कि सुप्रीम कोर्ट का आदेश अपलोड होने के बाद आलोक शुक्ला और अनिल टुटेजा को कब ईडी की कस्टडी में लिया जाता है।





