प्रमोद मिश्रा
रायपुर, 18 सितंबर 2025

छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग ने शासकीय कार्यों में लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाया है। शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में हुई समीक्षा बैठक में अधिकारियों के कामकाज और योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की गई।
बैठक में डीएन मिश्रा, प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी (रामानुजगंज-बलरामपुर) को लापरवाही बरतने पर निलंबित करने और मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर के डीईओ आरपी मिरे को शो-कॉस नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।
इस बैठक में अपर मुख्य सचिव रेणु पिल्ले, स्कूल शिक्षा सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी, संचालक लोक शिक्षण ऋतुराज रघुवंशी और समग्र शिक्षा प्रबंध संचालक संजीव झा भी मौजूद रहे।
मंत्री यादव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि राज्य के सभी जिलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए मॉडल स्कूल स्थापित किए जाएंगे। इसके लिए डीएवी, इग्नाइट और पीएम श्री विद्यालयों को विकसित किया जाएगा। 10 दिन में संचालनालय को उपयुक्त स्कूलों की जानकारी भेजने को कहा गया।
- भवनविहीन स्कूलों और जर्जर भवनों की स्थिति सुधारने पर जोर
- लघु मरम्मत और शौचालय मरम्मत कार्य शीघ्र पूरा करने का निर्देश
- नए शिक्षा सत्र शुरू होते ही विद्यार्थियों तक निःशुल्क पाठ्यपुस्तक, गणवेश और साइकिल पहुँचाने का आदेश
मंत्री ने मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान की समीक्षा करते हुए कहा कि 5वीं, 8वीं, 10वीं और 12वीं के बेहतर परीक्षा परिणाम के लिए प्रारंभ से ही विशेष ध्यान दिया जाए। छात्रवृत्ति, बैंक खाते खोलने और जाति प्रमाण पत्र जैसे मुद्दों पर भी अधिकारियों को निर्देशित किया गया।
मंत्री यादव ने कहा कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों को पेंशन के लिए भटकना न पड़े। नवंबर तक सभी सेवा पुस्तिकाओं और पासबुक को अपडेट करने के आदेश दिए गए। मृतक कर्मचारियों के आश्रितों को समय पर लाभ भुगतान सुनिश्चित करने पर भी बल दिया।
मंत्री ने पीएम ई-विद्या चैनल और दीक्षा पोर्टल के प्रचार-प्रसार को तेज करने और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रावधानों को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए।
बैठक के अंत में मंत्री यादव ने अधिकारियों से कहा कि वे अपनी जिम्मेदारियां गंभीरता और उत्तरदायित्व के साथ निभाएं, ताकि राज्य का हर बच्चा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर सके।





