बालोद, 20 सितंबर 2025

छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में झोलाछाप डॉक्टर की लापरवाही से एक युवक की मौत हो गई। पाइल्स की बीमारी से जूझ रहे युवक को झोलाछाप डॉक्टर ने गुदा द्वार में एक साथ 9 इंजेक्शन लगा दिए। इससे युवक की तबीयत बिगड़ गई और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। यह मामला अर्जुन्दा थाना क्षेत्र का है। पुलिस ने चार महीने बाद आरोपी डॉक्टर को गिरफ्तार किया है।
जानकारी के अनुसार मोहला-मानपुर-अंबागढ़ निवासी सुभाष कुमार जनबंधु (40) करीब 14-15 साल से पाइल्स की बीमारी से परेशान था। वह कांदुल गांव निवासी झोलाछाप डॉक्टर रेखराम साहू (54) से इलाज करवा रहा था। इलाज के नाम पर रेखराम ने परिजनों से 8 हजार रुपए भी लिए थे।
8 मई को परिजन सुभाष को इलाज के लिए रेखराम के पास ले गए। रेखराम ने गुदा द्वार में एक साथ 9 इंजेक्शन लगा दिए। अगले दिन ही मरीज को अचानक ज्यादा ब्लीडिंग और पेट फूलने की समस्या शुरू हो गई। परिजनों ने रेखराम से मदद मांगी, लेकिन उसने टालमटोल करने के बाद मोबाइल बंद कर दिया।
परिजनों ने सुभाष को गंभीर हालत में भिलाई के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों ने बताया कि गलत तरीके से इंजेक्शन लगाने के कारण मरीज की हालत बिगड़ी है। लगातार ब्लीडिंग और इंफेक्शन की वजह से 11 मई को सुभाष की मौत हो गई।
परिजनों की शिकायत पर SDOP गुंडरदेही ने जांच की। जांच में सामने आया कि रेखराम साहू के पास कोई डॉक्टरी की डिग्री नहीं है और छत्तीसगढ़ में उसका कोई रजिस्ट्रेशन भी नहीं है।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 105, छत्तीसगढ़ राज्य उपचार्यागृह, रोगोपचार संबंधी स्थापनाएं अनुज्ञापन अधिनियम 2010 की धारा 12 और छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान परिषद अधिनियम 1987 की धारा 24 के तहत केस दर्ज कर कार्रवाई की है।



