बिलासपुर, 25 सितंबर 2025

छत्तीसगढ़ में 1000 करोड़ रुपये के एनजीओ घोटाले की गुत्थी अब CBI की जांच के दायरे में आ गई है। बिलासपुर हाई कोर्ट ने अपने पिछले आदेश को जारी रखते हुए पूर्व मुख्य सचिव अजय सिंह समेत 11 आईएएस और राज्य सेवा संवर्ग के अधिकारियों के खिलाफ सीबीआई जांच कराने का निर्देश दिया है।
याचिकाकर्ता कुंदन सिंह ने अपने वकील देवर्षि ठाकुर के माध्यम से हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि राज्य सेवा नि:शक्तजन स्रोत संस्थान बनाकर ये अधिकारी केंद्र सरकार की योजनाओं में फर्जीवाड़े के जरिए 1000 करोड़ रुपये हड़प चुके हैं। जांच रिपोर्ट में फर्जीवाड़े की पुष्टि हो चुकी थी, जिसके बाद हाई कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सीबीआई जांच का आदेश दिया।
सीबीआई ने पहले ही जबलपुर में अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी थी, लेकिन घोटाले में फंसे आईएएस अधिकारियों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर जांच पर रोक लगाई थी। सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई जांच पर अस्थायी रोक लगाते हुए मामला वापस बिलासपुर हाई कोर्ट भेज दिया।
हाई कोर्ट ने अब दोबारा आईएएस और राज्य सेवा संवर्ग के अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने को कहा है। कोर्ट ने सीबीआई को निर्देश दिया है कि यदि एफआईआर दर्ज नहीं की गई है तो 15 दिनों के भीतर पूरे राज्य में संबंधित विभाग, संस्थान और कार्यालयों से मूल रिकॉर्ड जब्त किया जाए।
जांच में सामने आए प्रमुख गड़बड़ियां:
- बिना सक्षम स्वीकृति के 24.91 लाख रुपये का अग्रिम आहरण।
- 14.02 लाख रुपये का अग्रिम राशि समायोजन बिना अनुमति।
- 4.25 करोड़ रुपये का अन्य खाते में स्थानांतरण नियम के विरुद्ध।
- कैशबुक के अंतिम शेष का मिलान नहीं।
- 13.78 लाख रुपये अन्य खातों में बिना प्रबंध समिति अनुमोदन स्थानांतरण।
विशेष ऑडिट में कुल 31 प्रकार की अनियमितताएं पाई गईं, जिसमें प्रथम दृष्टया 5.67 करोड़ रुपये का फर्जीवाड़ा उजागर हुआ।
हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच बेहद आवश्यक है और सीबीआई हर संभव प्रयास करके जल्द से जल्द जांच पूरी करे।
छत्तीसगढ़ में 1000 करोड़ के एनजीओ घोटाले की CBI जांच अब शुरू, पूर्व मुख्य सचिव सहित 11 अधिकारी फंसे





