नई दिल्ली, 03 अक्टूबर 2025
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने देशभर में साइबर अपराधों और मनी लॉन्ड्रिंग के खिलाफ बड़े पैमाने पर अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत 28 से अधिक शहरों में स्थित कार्यालयों के जरिए कार्रवाई की जा रही है, जिसमें रायपुर जोनल कार्यालय न केवल मनी लॉन्ड्रिंग का पता लगाने में बल्कि संपत्तियों को अटैच करने में भी अन्य कार्यालयों से कहीं आगे साबित हो रहा है।

पिछले महीने श्रीनगर में ED निदेशक राहुल नवीन की अध्यक्षता में हुई दो दिवसीय समन्वय बैठक में साइबर अपराध के फैलाव और समाज के कमजोर वर्गों पर इसके प्रभाव की समीक्षा की गई। बैठक में पेश किए गए अध्ययन में यह खुलासा हुआ कि कैसे ठगी और पोंजी योजनाओं के मास्टरमाइंड विदेशों से काम करते हैं और हवाला या क्रिप्टो चैनलों के जरिए धन को विदेश भेजते हैं। इसके साथ ही ऑनलाइन पेमेंट गेटवे की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है।
रिपोर्ट में बताया गया कि ED ने अब तक 28,000 करोड़ रुपए से अधिक की अपराध की आय की पहचान की है और चल रही जांच में 8,500 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्तियों को अटैच किया गया है। वहीं इन मामलों में ED ने अब तक 106 आरोपियों और संदिग्धों को गिरफ्तार किया है।
रायपुर जोनल कार्यालय देश के सबसे बड़े साइबर अपराध मामले की जांच कर रहा है, जो अवैध बेटिंग प्लेटफॉर्म्स से जुड़ा है और इसमें 8,000 करोड़ रुपए का PoC शामिल है। मुंबई कार्यालय 6,000 करोड़ रुपए के मामलों को देख रहा है, दिल्ली की दो HIUs 5,300 करोड़ रुपए के और हैदराबाद कार्यालय 2,600 करोड़ रुपए के मामलों की जांच कर रहा है।
महादेव ऑनलाइन बेटिंग एप मामले में ED ने 8,000 करोड़ रुपए से अधिक की मनी लॉन्ड्रिंग का पता लगाया है। इस दौरान 160 से अधिक छापों में 19 करोड़ रुपए नकद, 17 करोड़ रुपए के कीमती सामान और बैंक/डीमैट खातों में रखे 2,311 करोड़ रुपए फ्रीज किए गए हैं। इस मामले में अब तक 13 गिरफ्तारियाँ हो चुकी हैं और मास्टरमाइंड्स को UAE से प्रत्यर्पित कराने की प्रक्रिया जारी है।



